स्पैम कॉल पर टेलीकॉम कंपनियों को राहत, ट्राई नहीं वसूल पाएगा 140 करोड़
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI)ने स्पैम कॉल और मैसेज पर लगाम लगाने में विफल रहने के कारण प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों पर ₹140 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया था. हालांकि,जनवरी 2025 में टेलीकॉम विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) ने इन जुर्मानों पर अंतरिम रोक लगा दी. इसके बाद,TRAI ने दूरसंचार विभाग (DoT) से कंपनियों की बैंक गारंटी को भुनाने का अनुरोध किया, जिसे DoT ने अस्वीकार कर दिया.क्या ट्राई जुर्माने की इस रकम को वसूल पाएगी भी या नहीं?
टेलीकॉम नियामक ट्राई को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. पहले अपील न्यायाधिकरण ने स्पैम कॉल और मैसेज पर अंकुश लगाने में विफल रहने वाली कंपनियों पर लगाए गए जुर्माने पर रोक लगाई. इसके बाद नियामक ने दूरसंचार विभाग से अनुरोध किया था कि कंपनी बैंक गारंटी जमा करे. लेकिन दूरसंचार विभाग ने उसे भी खारिज कर दिया है. अब ऐसे में कंपनियों पर लगे 140 करोड़ का जुर्माने को ट्राई शायद ही वसूल पाएगी. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
दूरसंचार कंपनियों पर 140 करोड़ का जुर्माना
ट्राई ने टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियों पर स्पैम कॉल और मैसेज पर लगाम नहीं लगा पाने के कारण 140 करोड़ का जुर्माना लगाया था. जनवरी में दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) ने इस जुर्माने पर अंतरिम रोक लगा दी थी. टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियों ने ट्रिब्यूनल से कहा कि स्पैम पर लगाम लगाने में विफल रहने के लिए उन्हें दंडित करना उचित नहीं है.17 जुलाई को इस मामले पर TDSAT में सुनवाई होनी है. जबकि ट्राई ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है. मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार ट्राई ने न्यायालय से TDSAT को सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश देने या दूरसंचार कंपनियों को इस बीच जुर्माने की आधी राशि जमा करने का निर्देश देने का आग्रह किया है. TDSAT में इस मामले की सुनवाई 25 जून को होनी थी, लेकिन बाद में ट्रिब्यूनल ने इसे रोक दिया.
टेलीकॉम कंपनियों पर 4,00,000 करोड़ का बकाया
टेलीकॉम कंपनियों पर पहले से ही एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR)और स्पेक्ट्रम शुल्क से जुड़ा लगभग 4,00,000 करोड़ रुपये का बकाया है. घटना से जुड़े एक अधिकारी ने मिंट को बताया कि स्पैम पर अंकुश लगाना और सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण है,लेकिन सरकार ऐसे मुद्दों के लिए बैंक गारंटी नहीं ले सकती, खासकर तब जब दूरसंचार ऑपरेटरों के बकाये की तुलना में कुल बैंक गारंटी काफी कम है. फरवरी की सिफारिश में ट्राई ने कहा था कि यह आवश्यक है कि वित्तीय बकाया को कवर करने के लिए बैंक गारंटी जैसे सिक्योरिटाइजेशन मैकेनिज्म की व्यवस्था हो.
प्रत्येक स्पैम कॉल पर 10 लाख का जुर्माना
टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन 2018 के अनुसार ट्राई स्पैम पर रोक लगाने में विफल रहे कंपनियों पर प्रति उदाहरण 10,00,000 रुपये तक जुर्माना लगा सकता है.
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