अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के तेल पर कब्जा करना एक विकल्प है’

यह बात तब सामने आई जब ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि ईरान ने अमेरिका को एक 'बहुत ही महत्वपूर्ण तोहफा' दिया है. ट्रंप ने कहा कि इस घटनाक्रम से पता चलता है कि ईरान के साथ लगातार, भले ही अस्पष्ट, संपर्क बने हुए हैं.

ईरान पर ट्रंप ने कही ये बात. Image Credit: @Money9live

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान, चल रही बैकचैनल बातचीत में सद्भावना दिखाते हुए, ‘तेल से भरी दस नावों’ को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने दे रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि ये टैंकर पाकिस्तानी झंडे के नीचे चलते हुए दिखाई दे रहे हैं.

बहुत ही महत्वपूर्ण तोहफा

यह बात तब सामने आई जब ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया था कि ईरान ने अमेरिका को एक ‘बहुत ही महत्वपूर्ण तोहफा’ दिया है. उन्होंने यह भी इशारा किया कि यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा हो सकता है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है.

ईरान ने खारीज कर दिया अमेरिकी प्रस्ताव

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पहले अमेरिका के 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर जवाब दिया, जबकि इससे पहले उसने इस ‘एकतरफा’ शांति योजना को खारिज कर दिया था.

गुरुवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग के दौरान बोलते हुए, ट्रंप ने संकेत दिया कि यह घटनाक्रम वॉशिंगटन और ईरान के बीच सक्रिय, हालांकि काफी हद तक अप्रकट, जुड़ाव को दर्शाता है.

चल रही है बातचीत

ट्रंप ने कहा कि इस घटनाक्रम से पता चलता है कि ईरान के साथ लगातार, भले ही अस्पष्ट, संपर्क बने हुए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘ईरान के संबंध में बहुत ही महत्वपूर्ण बातचीत चल रही है.’ जबकि ईरान अभी भी सीधी बातचीत से इनकार कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने समाचार रिपोर्टों के जरिए टैंकरों की असामान्य आवाजाही पर गौर किया था.

उन्होंने कहा, ‘मैंने समाचार देखे और उनमें बताया गया था कि कुछ असामान्य हो रहा है. होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ठीक बीच से आठ नावें गुजर रही हैं.’ और उन्होंने आगे कहा, ‘8 बड़े टैंकर तेल से लदे हुए सीधे वहा से गुजर रहे थे. और मैंने कहा, खैर, मुझे लगता है कि वे सही थे.’

US के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय मध्यस्थ सक्रिय रूप से इसमें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ‘इस क्षेत्र और अन्य जगहों से कई लोगों ने संपर्क किया है, जो इस संघर्ष को शांतिपूर्ण ढंग से खत्म करने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं.’ उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि US का 15-सूत्रीय प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया है. साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनसे ‘विशिष्ट शर्तों को गोपनीय रखने और समाचार मीडिया के जरिए बातचीत न करने’ के लिए कहा गया था. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं बस इतना कह सकता हूँ कि हम देखेंगे कि आगे क्या होता है.’

इस बीच, खबरों के मुताबिक ईरान ने US समर्थित संघर्ष-विराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अपनी शर्तें रखी हैं, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर संप्रभुता का अधिकार भी शामिल है. ट्रंप ने इस महत्वपूर्ण मार्ग से जुड़े जोखिमों को स्वीकार करते हुए चेतावनी दी कि इसमें जरा सी भी रुकावट काफी महंगी पड़ सकती है. उन्होंने कहा, ‘1% भी मंज़ूर नहीं है और साथ ही यह भी भरोसा जताया कि स्थिति ‘बहुत जल्द ही सामान्य हो जाएगी.’

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