अमेरिका ने PoK-Aksai Chin को माना भारत का हिस्सा, ट्रंप ने पाकिस्तान और चीन को दिया कड़ा संदेश
अमेरिका की सरकारी ट्रेड एजेंसी United States Trade Representative ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत का मैप शेयर किया है. इसमें पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान के कब्जे वाला हिस्सा और अक्साई चीन भारत का भाग दिखाया गया. यह वही वक्त था, जब दोनों देश व्यापार रिश्तों को मजबूत करने की बात कर रहे थे.
PoK-Aksai Chin: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड समझौते की घोषणा के बीच अमेरिका की सरकारी ट्रेड एजेंसी United States Trade Representative ने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत का मैप शेयर किया है. इसमें पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान के कब्जे वाला हिस्सा और अक्साई चीन भारत का भाग दिखाया गया. यह वही वक्त था, जब दोनों देश व्यापार रिश्तों को मजबूत करने की बात कर रहे थे. इस कदम को कुछ लोग कूटनीतिक संकेत के तौर पर देख रहे हैं. पहले भी क्षेत्रीय नक्शों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं. ऐसे में यह नया घटनाक्रम एक बार फिर सीमाओं और दावों से जुड़ी बहस को चर्चा में ले आया है.
ट्रेड पोस्ट में दिखा पूरा इलाका भारत का
USTR की पोस्ट में जारी नक्शे में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख का अक्साई चीन और अरुणाचल प्रदेश को भारत की सीमा के भीतर दिखाया गया. यह पोस्ट भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क की जानकारी देने के लिए जारी की गई थी. पोस्ट में कहा गया कि इस समझौते से अमेरिकी प्रोडक्ट को भारत के बाजार में ज्यादा पहुंच मिलेगी. इसमें फल, अनाज और कृषि से जुड़े सामानों का जिक्र भी किया गया.
पहले भी रहे हैं नक्शों पर विवाद
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है, जब पड़ोसी देशों के साथ सीमा को लेकर लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं. साल 2020 में Pakistan ने अपना नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों को अपना बताया गया था. भारत ने उस कदम को खारिज कर दिया था. इसी तरह China ने 2023 में एक नया मैप जारी किया था, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को अपने क्षेत्र में दिखाया गया. भारत ने इसे भी अस्वीकार करते हुए कहा था कि ऐसे नक्शों से जमीनी हकीकत नहीं बदलती.
भारत-US ट्रेड फ्रेमवर्क की बड़ी बातें
इसी दौरान भारत और अमेरिका ने अंतरिम ट्रेड ढांचे का ऐलान किया. इसके तहत अमेरिकी टैरिफ में कुछ कटौती होने की बात कही गई है, जिससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिल सकती है. दोनों देशों ने यह भी कहा है कि आगे चलकर पूरी द्विपक्षीय व्यापार पर बातचीत जारी रहेगी.




