SBI ने जारी किए Q3FY26 के नतीजे, बैंक का नेट प्रॉफिट 13.06% बढ़कर हुआ 21317 करोड़ रुपये, NII भी बढ़ी

SBI ने Q3FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक ने 24.5% की बढ़त के साथ 21,028 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 9% बढ़ी और एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है. इसके अलावा ग्रॉस और नेट NPA दोनों घटे, जबकि प्रावधान कम होने से बैंक की बैलेंस शीट मजबूत रही. कुल मिलाकर तिमाही नतीजे बेहतर रहे है.

एसबीआई Image Credit: canva & money9

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नजीते जारी कर दिए हैं. बैंक ने Q3FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुनाफे में जोरदार बढ़त दर्ज की है. बेहतर एसेट क्वालिटी, कम प्रावधान और मजबूत कोर इनकम के दम पर बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 24.5 फीसदी उछलकर 21,028 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. इस मजबूत नतीजों से ये संकेत मिलते हैं कि बैंकिंग सेक्टर में सुधार का दौर जारी है और SBI की बैलेंस शीट पहले से ज्यादा मजबूत हुई है.

नेट इंटरेस्ट इनकम बढ़ी

बैंक ने शनिवार को जारी नतीजों में बताया कि Q3FY26 में उसका स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 21,028 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की समान तिमाही में 16,891 करोड़ रुपये था. बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.06 फीसदी बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक का मुनाफा 18,853 करोड़ रुपये था. यह बढ़त मुख्य रूप से नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और एसेट क्वालिटी में सुधार के कारण संभव हुई. तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 9 फीसदी बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले 41,445 करोड़ रुपये थी. इससे स्पष्ट है कि बैंक का कोर लेंडिंग बिजनेस लगातार मजबूत बना हुआ है.

बैंक का कुल रेवेन्यू

बैंक का कुल रेवेन्यू (स्टैंडअलोन) बढ़कर 1,40,915 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1,28,467 करोड़ रुपये था. वहीं बैंक का कुल खर्च बढ़कर 1,08,052 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 1,04,917 करोड़ रुपये था.

एसेट क्वालिटी में सुधार

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक को राहत मिली है. ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर 73,636.8 करोड़ रुपये रह गया जो सितंबर तिमाही में 76,243 करोड़ रुपये था. वहीं नेट एनपीए भी घटकर 18,012 करोड़ रुपये पर आ गया जो पिछली तिमाही में 18,460 करोड़ रुपये था. वहीं, ग्रॉस एनपीए रेशियो 1.73 फीसदी से सुधरकर 1.57 फीसदी और नेट एनपीए रेशियो 0.42 फीसदी से घटकर 0.39 फीसदी पर आ गया.

Provisions भी कम हुए

तिमाही के दौरान बैंक के प्रावधान (Provisions) भी कम हुए, जो 4,506 करोड़ रुपये रहे. यह पिछली तिमाही के 5,400 करोड़ रुपये से कम है और एक साल पहले की तुलना में भी काफी नीचे है. इससे संकेत मिलता है कि बैंक के क्रेडिट कॉस्ट में राहत आई है. हालांकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) मामूली घटकर 3.12 फीसदी रहा, जो एक साल पहले 3.15 फीसदी था.

कुल मिलाकर, SBI के ताजा नतीजे यह दिखाते हैं कि बैंक की आय में स्थिरता, एनपीए में कमी और मजबूत लोन ग्रोथ ने तिमाही प्रदर्शन को सहारा दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर एसेट क्वालिटी में सुधार का यह ट्रेंड जारी रहता है, तो आने वाली तिमाहियों में भी बैंक का प्रदर्शन मजबूत रह सकता है.

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