क्या आप 40-50 kmph पर चलाते हैं कार? जानें इस रफ्तार में चलने का सही गियर; बढ़ सकता है माइलेज
अगर आप 40 से 50 km/h की स्पीड पर कार चलाते हैं और माइलेज कम आ रहा है, तो वजह गलत गियर हो सकता है. मैनुअल कार में इस स्पीड पर चौथा गियर क्यों सबसे बेहतर रहता है, इंजन RPM का क्या रोल है और किन गलतियों से बचना चाहिए- यहां आसान भाषा में पूरी जानकारी पढ़ें.
Milage and Gear Selection: अगर आप रोज कार चलाते हैं और चाहते हैं कि पेट्रोल-डीजल का खर्च काबू में रहे, तो सिर्फ गाड़ी की रफ्तार ही नहीं बल्कि सही गियर का चुनाव भी बेहद अहम भूमिका निभाता है. खासतौर पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर बहुत-से ड्राइवर यह तय नहीं कर पाते कि कार किस गियर में चलानी चाहिए. नतीजा यह होता है कि इंजन पर गैर जरूरी दबाव पड़ता है और माइलेज धीरे-धीरे कम होने लगता है. जबकि थोड़ी-सी समझदारी से इसी स्पीड पर बेहतर माइलेज पाया जा सकता है.
क्या करे चालक?
ज्यादातर मैनुअल ट्रांसमिशन कारों के लिए 40–50 km/h की रफ्तार पर चौथा गियर सबसे संतुलित विकल्प माना जाता है. इस स्पीड रेंज में चौथा गियर इंजन और पहियों के बीच सही तालमेल बनाए रखता है. इंजन को न ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और न ही वह सुस्त महसूस करता है. यही कारण है कि इस गियर में ड्राइविंग ज्यादा स्मूथ होती है और फ्यूल की खपत भी कंट्रोल में रहती है.
इंजन RPM को समझना जरूरी
माइलेज को समझने के लिए इंजन RPM को समझना जरूरी है. चौथे गियर में 40–50 km/h की स्पीड पर आमतौर पर इंजन RPM 1500 से 2000 के बीच रहता है. यही वह रेंज है, जहां इंजन सबसे ज्यादा एफिशिएंट तरीके से काम करता है. कम RPM पर इंजन शांत रहता है, फ्यूल का दहन सही होता है और लंबी दूरी में माइलेज बेहतर निकलकर आता है.
क्या गलती करते हैं चालक?
अक्सर लोग इसी स्पीड पर तीसरे गियर में गाड़ी चलाते रहते हैं. ऐसा करने से इंजन RPM जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है. ज्यादा RPM का मतलब है कि इंजन ज्यादा फ्यूल जला रहा है, भले ही कार ज्यादा तेज न चल रही हो. इससे न सिर्फ माइलेज घटता है, बल्कि इंजन की आवाज और गर्मी भी बढ़ती है, जो लंबे समय में इंजन की सेहत के लिए ठीक नहीं मानी जाती. वहीं कुछ ड्राइवर माइलेज बढ़ाने के चक्कर में 40–50 km/h पर पांचवें गियर डाल देते हैं, जो एक और आम गलती है. कम स्पीड पर ऊंचा गियर डालने से इंजन पर लोड बढ़ जाता है और वह सुस्त पड़ने लगता है. इस स्थिति को इंजन “लगरिंग” कहा जाता है, जिसमें कार झटके देने लगती है और पिक-अप कमजोर हो जाता है. यह माइलेज बढ़ाने की बजाय इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है.
बेस्ट तरीका क्या?
इसलिए सबसे सही तरीका यह है कि स्पीड के साथ-साथ इंजन की फील और आवाज पर भी ध्यान दिया जाए. अगर चौथे गियर में कार आराम से चल रही है, बिना झटकों के और हल्की एक्सीलेरेशन पर भी सही रिस्पॉन्स दे रही है, तो समझिए आप सही गियर में हैं. लेकिन अगर इंजन कांपने लगे या ताकत कम महसूस हो, तो तुरंत एक गियर नीचे कर लेना बेहतर रहता है. निष्कर्ष यही है कि 40–50 km/h की स्पीड पर माइलेज बढ़ाने के लिए किसी खास जादू की जरूरत नहीं होती. बस सही गियर चुनना और स्मूथ ड्राइविंग अपनाना काफी है. स्पीड संतुलित रखें, गियर समझदारी से चुनें और कार खुद आपको बेहतर माइलेज देकर उसका फायदा दिखा देगी.
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