ट्रैफिक में फंसे रहते हैं, फिर भी माइलेज चाहिए? इस बटन का सही इस्तेमाल जान लीजिए; 90% लोग हैं अनजान
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कार मालिक ज्यादा माइलेज और कम फ्यूल खर्च चाहता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी कार में मौजूद Idle Start-Stop System सही इस्तेमाल से 5 से 10 फीसदी तक फ्यूल बचा सकता है. ट्रैफिक सिग्नल और भारी ट्रैफिक में यह फीचर इंजन को अपने आप बंद कर देता है, जिससे बेकार का फ्यूल खर्च रुकता है.
Car Mileage Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कार मालिक चाहता है कि उसकी गाड़ी ज्यादा माइलेज दे, कम फ्यूल खर्च करे और मेंटेनेंस भी कम रहे. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी अपनी कार में ही माइलेज बढ़ाने वाला एक खास बटन मौजूद होता है, जिसका गलत इस्तेमाल 90 फीसदी लोग रोजाना करते हैं. लगभग हर नई कार में, चाहे वह एंट्री लेवल हैचबैक हो या प्रीमियम एसयूवी, डैशबोर्ड पर एक बटन दिया जाता है, जिस पर ‘A’ लिखा होता है और उसके चारों ओर तीर बना होता है. अधिकतर लोग या तो इस बटन का मतलब नहीं समझते, या गाड़ी स्टार्ट होते ही इसे बंद कर देते हैं. कई लोगों को यह भी भ्रम रहता है कि इससे बैटरी खराब हो जाएगी, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट होती है.
क्या है यह फीचर और कैसे करता है काम
इस बटन को आइडल स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम कहा जाता है. जब गाड़ी रेड लाइट पर रुकती है, भारी ट्रैफिक में खड़ी रहती है और गियर न्यूट्रल में होता है, तो यह सिस्टम अपने आप इंजन को बंद कर देता है. जैसे ही ड्राइवर मैनुअल कार में क्लच दबाता है या ऑटोमैटिक कार में ब्रेक छोड़ता है, इंजन तुरंत बिना किसी झटके के दोबारा स्टार्ट हो जाता है. यह पूरी प्रक्रिया इतनी स्मूद होती है कि कई बार ड्राइवर को इसका एहसास भी नहीं होता.
माइलेज बढ़ाने में कैसे मददगार
ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी गाड़ी भी फ्यूल जलाती रहती है. Idle Start-Stop System इंजन को बंद करके इस बेकार के फ्यूल खर्च को रोक देता है. विशेषज्ञों के अनुसार, सही इस्तेमाल से 5 से 10 फीसदी तक फ्यूल की बचत संभव है. महीने और साल के हिसाब से देखा जाए, तो यह बचत हजारों रुपये तक पहुंच सकती है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि बहुत कम लोग इसका सही फायदा उठा पाते हैं.
पर्यावरण और ड्राइविंग आराम दोनों में फायदा
इंजन बंद रहने से धुआं और कार्बन उत्सर्जन नहीं होता, जिससे शहर की हवा साफ रखने में मदद मिलती है. साथ ही, रेड लाइट पर इंजन की आवाज और वाइब्रेशन खत्म हो जाने से केबिन शांत रहता है और ड्राइवर को मानसिक सुकून मिलता है. रोजाना ट्रैफिक में फंसने वाले लोग ही इस फीचर की असली कीमत समझ पाते हैं.
कब रखें OFF और कब रखें ON
हालांकि यह फीचर फायदेमंद है, लेकिन हर स्थिति में इसे चालू रखना समझदारी नहीं होती. बहुत ज्यादा स्लो ट्रैफिक, जहां हर कुछ सेकंड में गाड़ी आगे बढ़ानी पड़े, पहाड़ी इलाकों में, ज्यादा एसी लोड होने पर या कमजोर बैटरी वाली पुरानी कार में इसे OFF रखना बेहतर होता है. इसके उलट, शहर के सामान्य ट्रैफिक और लंबे सिग्नल पर इसे ON रखने से माइलेज और ड्राइविंग आराम, दोनों बढ़ते हैं.
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