कितना माइलेज देती है JCB? एक घंटे चलाने पर इतना आता है खर्च; जानकर रह जाएंगे हैरान

क्या आपने कभी सोचा है कि JCB मशीन कितना माइलेज देती है? कार-बाइक की तरह इसका हिसाब नहीं होता, बल्कि प्रति घंटे डीजल खर्च से तय होता है. जानिए दिल्ली के हिसाब से एक घंटे में JCB चलाने पर कितना खर्च आता है.

JCB और माइलेज Image Credit: @Tv9

Mileage of JCB and Cost: जब भी हम कोई गाड़ी खरीदने जाते हैं तो सबसे पहले उसका माइलेज देखते हैं, क्योंकि यही तय करता है कि आगे चलकर जेब पर कितना बोझ पड़ेगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सड़क किनारे अकसर खुदाई करती दिखने वाली JCB मशीन आखिर कितना “माइलेज” देती है और इसे चलाने में कितना खर्च आता है? दरअसल, JCB कोई एक मशीन का नाम नहीं, बल्कि एक कंपनी का नाम है जो भारी-भरकम कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बनाती है. हालांकि, भारत में इसकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि हर खुदाई करने वाली मशीन को आम बोलचाल में “JCB” ही कहा जाने लगा है.

किलोमीटर नहीं, घंटे में मापा जाता है माइलेज

कार या बाइक की तरह JCB का माइलेज किलोमीटर प्रति लीटर में नहीं मापा जाता. इसकी वजह साफ है, यह मशीन लंबी दूरी तय करने के लिए नहीं, बल्कि एक ही जगह पर भारी काम करने के लिए बनाई जाती है. इसलिए इसका ईंधन खर्च “प्रति घंटे” के हिसाब से गिना जाता है.

एक घंटे में कितना डीजल पीती है JCB?

आमतौर पर एक JCB मशीन एक घंटे में करीब 5 से 7 लीटर डीजल खपत करती है. हालांकि, यह आंकड़ा काम के प्रकार और लोड पर निर्भर करता है. अगर मशीन पर ज्यादा दबाव है या लगातार भारी खुदाई हो रही है, तो खपत बढ़कर 8 से 10 लीटर प्रति घंटा तक भी पहुंच सकती है.

दिल्ली के हिसाब से कितना आता है खर्च?

मौजूदा समय में दिल्ली में डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर है. ऐसे में खर्च का मोटा-मोटी हिसाब इस तरह बनता है-

  • नॉर्मल काम (5–7 लीटर): 438 रुपये से 614 रुपये प्रति घंटा
  • हेवी लोड (8–10 लीटर): 701 रुपये से 877 रुपये प्रति घंटा

यानी, JCB को चलाना सस्ता नहीं है. हर घंटे का खर्च सीधे सैकड़ों रुपये में जाता है.

मेंटेनेंस भी है महंगा सौदा

सिर्फ डीजल ही नहीं, JCB की देखभाल पर भी अच्छा-खासा खर्च आता है. यह मशीन बेहद मुश्किल परिस्थितियों में काम करती है, ऐसे में मशीन में मिट्टी, पत्थर, मलबा कई बार फंस जाते हैं जिससे इसके पार्ट्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है. औसतन, इसकी मेंटेनेंस पर हर महीने 10,000 रुपये से 12,000 रुपये तक खर्च आ सकता है, जो सामान्य गाड़ियों की तुलना में काफी ज्यादा है.

आखिर क्यों जरूरी है ये खर्च?

भले ही JCB चलाने का खर्च ज्यादा लगता हो, लेकिन यह मशीन बड़े-बड़े निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करती है. सड़क निर्माण, बिल्डिंग, खुदाई या मलबा हटाने जैसे कामों में यह समय और मेहनत दोनों बचाती है, जिससे कुल मिलाकर लागत संतुलित हो जाती है.

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