डॉलर पर से निर्भरता घटाने के लिए Adani Group की बड़ी तैयारी, जापान की करेंसी येन में लेगा $1.5 अरब डॉलर कर्ज
Adani Group अपनी फंडिंग स्ट्रैटेजी में डायवर्सिफिकेशन लाने के लिए जापान से येन में कर्ज जुटाने की योजना पर काम कर रहा है. ग्रुप अगले 12 से 18 महीनों में 1 बिलियन से 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर येन में कर्ज जुटा सकता है. इसका मकसद डॉलर पर निर्भरता कम करना और क्रेडिट मिक्स को मजबूत करना है.
Adani Group Japan funding: भारत के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी समूह अडानी ग्रुप अपनी फंडिंग स्ट्रैटेजी में बदलाव लाने के लिए जापान से येन में कर्ज लेने की तैयारी में है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप अगले 12 से 18 महीनों के दौरान जापान से करीब 1 बिलियन से 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर येन-डिनॉमिनेटेड बॉरोइंग्स जुटाने की योजना पर काम कर रहा है. इस कदम का मकसद क्रेडिट मिक्स को मजबूत करना और डॉलर पर निर्भरता को कम करना है.
बॉन्ड और लोन के कॉम्बिनेशन से फंडिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, यह फंडरेजिंग बॉन्ड्स और लोन के कॉम्बिनेशन के जरिए की जाएगी. इसमें 5 से 15 साल की मैच्योरिटी वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स शामिल हो सकते हैं. इस प्रक्रिया में जापानी एसेट मैनेजर्स, कॉरपोरेट ट्रेजरीज और इंश्योरेंस कंपनियों को टारगेट किया जाएगा, जो आमतौर पर लॉन्ग-टर्म और स्टेबल रिटर्न वाले निवेश को प्राथमिकता देती हैं.
पहली बड़ी येन-डिनॉमिनेटेड बॉरोइंग
यह योजना अडानी ग्रुप की अब तक की पहली बड़ी येन-डिनॉमिनेटेड बॉरोइंग मानी जा रही है. मौजूदा समय में ग्लोबल मार्केट्स में डॉलर की संभावित कमजोरी को लेकर चिंताओं के बीच यह कदम समूह को फंडिंग के नए और भरोसेमंद स्रोत उपलब्ध कराएगा. अडानी ग्रुप बीते कुछ समय से लोकल लेंडर्स पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहा है, ताकि अगले 5 वर्षों के बड़े निवेश प्लान को सपोर्ट किया जा सके.
जानकारी के मुताबिक, समूह आने वाले वर्षों में करीब 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक के कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजना बना रहा है. ऐसे में जापान जैसे डीप और लो-कॉस्ट कैपिटल मार्केट तक पहुंच अडानी ग्रुप की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा बन सकती है.
जापानी बैंक पहले से हैं बड़े लेंडर्स
जापान के बड़े बैंक पहले से ही अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं. इनमें Mitsubishi UFJ Financial Group और Sumitomo Mitsui Financial Group जैसे नाम शामिल हैं. इन बैंकों ने उस समय भी अडानी ग्रुप के साथ अपने रिश्ते बनाए रखे, जब कुछ अन्य इंटरनेशनल लेंडर्स ने अपने एक्सपोजर की समीक्षा की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, येन-डिनॉमिनेटेड डेट को चरणों में उठाया जाएगा और शुरुआत में जापानी बैंक इस प्रक्रिया की अगुवाई कर सकते हैं. इससे अन्य इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है.
रेटिंग से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
इस फंडरेजिंग प्लान से पहले अडानी ग्रुप की तीन प्रमुख कंपनियों को जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से रेटिंग मिली है. इनमें अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन शामिल हैं. इन कंपनियों को फॉरेन और लोकल करेंसी लॉन्ग-टर्म फैसिलिटीज के लिए रेटिंग दी गई है, जिससे जापानी निवेशकों के बीच भरोसा और मजबूत हुआ है. येन के जरिए समूह न सिर्फ अपनी करेंसी एक्सपोजर को डायवर्सिफाई करना चाहता है, बल्कि फंडिंग लागत और मैच्योरिटी प्रोफाइल को भी बेहतर बनाना चाहता है.
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