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अनिल अंबानी का घर-दफ्तर सब अटैच, ED की बड़ी कार्रवाई; दिल्ली से मुंबई तक 3000 करोड़ की प्रॉपर्टी पर एक्शन

Anil Ambani: मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने शुक्रवार को 3,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच की है. आने वाले हफ्तों में और अधिक संपत्ति अटैच होने की संभावना है. जुलाई से ईडी ने अंबानी, उनके सहयोगियों और समूह संस्थाओं पर कई बार तलाशी ली है, जिसमें उनका मुंबई आवास भी शामिल है.

CBI ने रिलायंस एडीए ग्रुप से जुडे़ मामलों में दिल्ली और मुंबई के 15 ठिकानों पर छापेमारी की है. Image Credit: Getty image

Anil Ambani: उद्योगपति अनिल अंबानी और उनके रिलायंस समूह के खिलाफ एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने तगड़ा एक्शन लिया है. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने शुक्रवार को 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की है. इसमें मुंबई के बांद्रा में अंबानी का पाली हिल हाउस और दिल्ली, नोएडा, मुंबई, गोवा, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई समेत अन्य शहरों में रिलायंस कम्युनिकेशन और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के अन्य फ्लैट, प्लॉट और ऑफिस शामिल हैं. सूत्रों के हवाले से TOI में छपी खबर के अनुसार, रिलायंस सेंटर, दिल्ली के होटल रंजीत में अंबानी का ऑफिस, ईडी द्वारा 20,000 करोड़ से अधिक के बैंक फंड के कथित डायवर्जन के बदले में अटैच की गई कई संपत्तियों में से एक है.

20,000 करोड़ के हेरफेर के मामले में एक्शन

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के सेंटर में होटल रंजीत में अंबानी का आफिस, रिलायंस सेंटर – जो महाराजा रणजीत सिंह मार्ग पर तीन एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है, रामलीला मैदान और रणजीत सिंह फ्लाईओवर के बीच स्थित है – उन कई संपत्तियों में शामिल है, जिन्हें केंद्रीय एजेंसी ने 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फंड के कथित हेरफेर के एवज में अटैच किया है.

फंड के राउंड-ट्रिपिंग का संकेत

सूत्रों ने बताया कि ईडी ने अपने अटैच के आदेश में आरोप लगाया है कि अंबानी समूह की संस्थाओं ने बैंक के पैसे का दुरुपयोग किया, जिसे आगे चलकर समूह की फर्जी कंपनियों और पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों को उधार दिया गया, ताकि आय को हड़प लिया जा सके. सूत्रों ने कहा, कॉरर्पोरेट लोन का एक बड़ा हिस्सा अंततः रिलायंस समूह की कंपनियों के खातों में पहुंचा, जिससे फंड लॉन्ड्रिंग के बाद फंड के राउंड-ट्रिपिंग का संकेत मिलता है.

आगे भी हो सकती है कार्रवाई

आने वाले हफ्तों में और अधिक संपत्ति अटैच होने की संभावना है. जुलाई से ईडी ने अंबानी, उनके सहयोगियों और समूह संस्थाओं पर कई बार तलाशी ली है, जिसमें उनका मुंबई आवास भी शामिल है. उन्हें 5 अगस्त को दिल्ली में ईडी के मुख्यालय में भी बुलाया गया और पूछताछ की गई. प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की जांच, कथित बैंक लोन फ्रॉड के लिए अंबानी और उनकी संस्थाओं के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज दो एफआईआर पर आधारित है.

जांच के दायरे में रिलायंस कम्युनिकेशन

अंबानी पर पहले ही यात्रा प्रतिबंध लगा दिया गया है और वे देश से बाहर नहीं जा सकते हैं. उनके करीबी सहयोगी अंगाराई सेथुरमन उनके कई करीबी सहयोगियों में शामिल हैं, जिनसे ईडी पहले ही पूछताछ कर चुका है. रिलायंस कम्युनिकेशन, अंबानी की समूह की यूनिट, दिल्ली में महाराजा रणजीत सिंह मार्ग पर रिलायंस सेंटर कार्यालय का मालिक है. यह 13,600 करोड़ से अधिक धनराशि के कथित डायवर्जन के लिए जांच के दायरे में है.

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