सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के आसार, US डेटा और जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ाएंगे हलचल
अगले सप्ताह सोने और चांदी के दामों में तेज उठापटक देखने को मिल सकती है. अमेरिका से आने वाले अहम आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व के संकेत और वेनेजुएला संकट के बाद बढ़ी वैश्विक जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता बुलियन मार्केट की दिशा तय करेगी. रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने-चांदी में हालिया गिरावट के बीच निवेशकों की नजर आगे के ट्रेंड पर टिकी है.
Gold and Silver Price Prediction: अगले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका से आने वाले अहम आर्थिक आंकड़े और वैश्विक राजनीतिक तनाव की वजह से बुलियन मार्केट में भारी हलचल रहने की संभावना है. खास तौर पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी के बाद जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता और बढ़ गई है, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की चाल पर पड़ सकता है.
अमेरिकी आंकड़ों पर रहेगी निवेशकों की नजर
निवेशक अगले सप्ताह अमेरिका के कई अहम आंकड़ों पर ध्यान देंगे. इनमें ISM मैन्युफैक्चरिंग डेटा, दिसंबर का ADP रोजगार आंकड़ा और बेरोजगारी दर शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. इन संकेतों से यह साफ हो सकता है कि ब्याज दरों को लेकर फेड का अगला रुख क्या रहेगा, जो सोने की कीमतों पर सीधा असर डालता है.
सोने की कीमतों में क्यों रह सकती है अस्थिरता?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल सोने के बाजार में तेजी और मंदी- दोनों तरह के संकेत मौजूद हैं. एक तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली भी देखने को मिल रही है. पिछले हफ्ते घरेलू वायदा बाजार MCX पर सोना करीब 4,112 रुपये (2.94 फीसदी) टूट गया. दिसंबर के अंत में सोने ने 1,40,444 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन इसके बाद कीमत फिसलकर 1,35,761 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई. विशेषज्ञों के मुताबिक, साल के अंत और क्रिसमस छुट्टियों के कारण बाजार में कम लिक्विडिटी थी, जिससे ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफा वसूली की और कीमतों में गिरावट आई.
चांदी में भी दिखी तेज गिरावट
चांदी की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा गया. MCX पर चांदी पिछले हफ्ते 3,471 रुपये (1.45 फीसदी) कमजोर हुई. इससे पहले चांदी ने 2,54,174 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, लेकिन बाद में करीब 7 फीसदी गिरकर 2,36,316 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई.
ग्लोबल मार्केट में क्या हुआ?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी दबाव में रहे. कॉमेक्स (Comex) पर सोने की कीमतें करीब 5 फीसदी गिरकर 4,329.6 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं. वहीं चांदी में और तेज गिरावट देखने को मिली- कीमतें करीब 8 फीसदी लुढ़क गईं. विशेषज्ञों का कहना है कि फ्यूचर्स ट्रेडिंग के लिए मार्जिन बढ़ाए जाने के कारण कई निवेशकों को अपनी पोजिशन घटानी पड़ी, जिससे चांदी में तेज बिकवाली देखने को मिली.
जियो पॉलिटिकल टेंशन से बढ़ सकता है दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला से जुड़ा घटनाक्रम वैश्विक बाजारों को झटका दे सकता है. वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार रखने वाला देश है. ऐसे में वहां किसी भी तरह की अस्थिरता से तेल सप्लाई बाधित होने का डर रहता है, जिससे कच्चे तेल के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी उछाल आ सकता है.
2026 में सोने-चांदी का आउटलुक
बाजार जानकारों का कहना है कि 2026 में सोने की कीमतें 10 फीसदी से 60 फीसदी तक बढ़ सकती हैं, हालांकि बीच-बीच में 20 फीसदी तक की गिरावट भी देखने को मिल सकती है. चांदी के मामले में रिस्क थोड़ा ज्यादा है. इसमें 5 फीसदी से 30 फीसदी तक की गिरावट का खतरा बना रह सकता है, लेकिन अगर इंडस्ट्रियल डिमांड तेजी से बढ़ती है और सप्लाई सीमित रहती है, तो कीमतों में 40 फीसदी तक का उछाल भी संभव है.
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