भारत-अमेरिका के बीच पॉजिटिव रही ट्रेड डील पर बातचीत, दोनों देशों ने समझौते को जल्द पूरा करने पर दिया जोर
भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता में सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं. दोनों देशों ने सहमति जताई है कि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा. जानें इसको लेकर मंत्रालय ने क्या-क्या कहा.
India America Trade Deal Talk: भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड टॉक यानी व्यापार वार्ता में बड़ी प्रगति देखने को मिली है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार, 16 सितंबर को जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक रही. इस दौरान यह सहमति बनी कि एक पारस्परिक रूप से फायदेमंद व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए. मालूम हो कि इन दोनों देशों के बीच काफी लंबे समय से व्यापार को लेकर बातचीत का सिलसिला चला आ रहा था.
बातचीत में शामिल रहे दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी
अमेरिका की ओर से यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ऑफिस के चीफ नेगोशिएटर ब्रैंडन लिंच की अगुवाई में एक डेलिगेशन भारत आया. टीम ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में भारत के वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी Bilateral Trade Agreement पर गहन चर्चा की.
मंत्रालय ने क्या कहा?
इस अपडेट को लेकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से आधिकारिक बयान आया जिसके कहा गया कि, “भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार के स्थायी महत्व को स्वीकार करते हुए, यह चर्चा सकारात्मक और भविष्य की दिशा तय करने वाली रही, जिसमें व्यापार समझौते के कई पहलुओं को शामिल किया गया. यह निर्णय लिया गया कि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रयासों को और तेज किया जाएगा.”
अगस्त में टली थी बैठक
गौरतलब है कि भारत-अमेरिका के बीच होने वाली यह वार्ता पहले 25 से 29 अगस्त के बीच होनी थी, लेकिन किसी कारणवश इसे टाल दिया गया था. अब यह वार्ता फिर से शुरू हुई है और सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं. भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते लंबे समय से बेहद मजबूत रहे हैं. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. मंत्रालय के मुताबिक, इस समझौते से दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार को और गति मिलेगी. इसके अलावा टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग और गहराएगा. हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों देशों के रिश्ते में थोड़ी खटास दिखने लगी थी जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ के हमले किए थे.
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