टैक्स कलेक्शन में कर्नाटक सबसे आगे, कैपेक्स बढ़ाने में गुजरात ने मारी बाजी; इन राज्यों में हुई गिरावट

वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-नवंबर अवधि में राज्यों की वित्तीय तस्वीर सामने आई है. टैक्स कलेक्शन ग्रोथ के मामले में कर्नाटक सबसे आगे रहा, हालांकि कुल राशि में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश अभी भी आगे हैं. कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने में गुजरात ने सबसे तेज बढ़त दिखाई, वहीं उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में गिरावट दर्ज की गई.

टैक्स कलेक्शन Image Credit: tv9 bharatvarsh

Indian states finance: चालू वित्त वर्ष 2025-26 में राज्यों की वित्तीय सेहत को लेकर सामने आए ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारत के बड़े राज्यों में टैक्स कलेक्शन और कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं. CAG के डेटा के मुताबिक, अप्रैल–नवंबर अवधि के दौरान टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ रेट के मामले में कर्नाटक देश में सबसे आगे रहा, जबकि कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी कैपेक्स बढ़ाने में गुजरात ने बाजी मारी है.

टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ में कर्नाटक टॉप पर

CAG के अनुसार, यूनियन टैक्सेस के शेयर को छोड़कर स्टेट्स के ओन टैक्स रेवेन्यू में कर्नाटक ने सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की. यह 2024-25 में 110856 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में 20.97 फीसदी बढ़कर 134109 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इसके बाद महाराष्ट्र में टैक्स रेवेन्यू 8.17 फीसदी बढ़कर 234259 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश में 6.59 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 193521 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. हालांकि, कुल टैक्स कलेक्शन की राशि के लिहाज से कर्नाटक अभी भी महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से पीछे है.

इसकी एक बड़ी वजह एसजीएसटी कलेक्शन पर पड़ा असर बताया जा रहा है. 22 सितंबर 2025 से लागू जीएसटी रेट रैशनलाइजेशन के चलते एसजीएसटी की ग्रोथ प्रभावित हुई, जो सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगभग सभी बड़े राज्यों में देखने को मिली. इस दौरान गुजरात में एसजीएसटी कलेक्शन 5.59 फीसदी बढ़कर 97338 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि तमिलनाडु में यह 1.98 फीसदी घटकर 123519 करोड़ रुपये रह गया.

राज्य2024–25 (करोड़ ₹)2025–26 (करोड़ ₹)परिवर्तन (%)
कर्नाटक1,10,8561,34,109+20.97
महाराष्ट्र2,16,5482,34,259+8.17
उत्तर प्रदेश1,82,4831,94,521+6.59
गुजरात92,18597,338+5.59
तमिलनाडु1,26,0201,23,519–1.98

कैपेक्स में गुजरात सबसे आगे

कैपिटल एक्सपेंडिचर के मोर्चे पर गुजरात ने सबसे ज्यादा बढ़त दिखाई है, जहां 48.18 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके बाद महाराष्ट्र में 19.03 फीसदी और कर्नाटक में 16.57 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, कुल राशि के लिहाज से उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा कैपेक्स किया, लेकिन पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में यहां कैपेक्स में गिरावट दर्ज की गई.

इसके अलावा तमिलनाडु में भी कैपेक्स में कमी देखने को मिली है. माना जा रहा है कि गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप सड़क, एयरपोर्ट और अन्य फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर आक्रामक तरीके से खर्च बढ़ा रहे हैं.

राज्य2024–25 (करोड़ ₹)2025–26 (करोड़ ₹)परिवर्तन (%)
गुजरात29,43043,611+48.18
महाराष्ट्र28,82834,317+19.03
कर्नाटक20,18725,533+16.57
तमिलनाडु22,54219,706–12.58
उत्तर प्रदेश53,88440,601–24.65

ज्यादा फिस्कल डेफिसिट वाले राज्य

रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा फिस्कल डेफिसिट वाले राज्यों में सिक्किम और मध्य प्रदेश करीब 4 फीसदी के साथ शीर्ष पर हैं. इसके अलावा पंजाब और आंध्र प्रदेश में यह आंकड़ा करीब 3.8 फीसदी दर्ज किया गया है.

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