मार्च में कैसा रहा थाली का खर्च, वेज और नॉन वेज में कौन हुआ महंगा , कीमत का पूरा हिसाब
मार्च में घर पर बनने वाली वेज थाली की कीमत स्थिर रही जबकि नॉन वेज थाली करीब 1 प्रतिशत सस्ती हुई. क्रिसिल रिपोर्ट के अनुसार टमाटर और तेल महंगे हुए लेकिन प्याज आलू और दाल सस्ते होने से संतुलन बना रहा. चिकन की कीमत घटने से नॉन वेज थाली की लागत कम हुई.
Thali Cost India: मार्च महीने में घर पर बनने वाले खाने की लागत में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया है. वेज थाली की कीमत पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर रही है. वहीं नॉन वेज थाली की कीमत में करीब 1 फीसदी की गिरावट आई है. यह गिरावट मुख्य रूप से चिकन की कीमत कम होने के कारण हुई है. रिपोर्ट में देश के अलग-अलग हिस्सों के दामों के आधार पर थाली की लागत का अनुमान लगाया गया है. इसमें अनाज दाल सब्जी तेल और गैस जैसे खर्च शामिल होते हैं. इससे घरेलू खर्च का अंदाजा लगाया जाता है.
वेज थाली की कीमत क्यों रही स्थिर
Crisil की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में वेज थाली की लागत में संतुलन बना रहा. कुछ चीजों की कीमत बढ़ी तो कुछ सस्ती हुई. टमाटर और खाने के तेल की कीमत बढ़ी जिससे खर्च बढ़ा. लेकिन प्याज आलू और दाल की कीमत कम होने से यह असर संतुलित हो गया. इस वजह से कुल मिलाकर वेज थाली की कीमत में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ. यह स्थिति घरेलू बजट के लिए राहत देने वाली रही.
टमाटर महंगा तो प्याज और आलू सस्ते
टमाटर की कीमत में करीब 33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसकी वजह प्रमुख राज्यों में खेती में देरी रही है. वहीं प्याज की कीमत 25 फीसदी तक गिर गई है. अधिक सप्लाई और कमजोर मांग इसके पीछे कारण है. आलू की कीमत में भी करीब 13 फीसदी की गिरावट आई है. होटल और रेस्टोरेंट की मांग कम रहने से इसका असर देखने को मिला.
नॉन वेज थाली क्यों हुई सस्ती
नॉन वेज थाली की कीमत में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. इसका मुख्य कारण ब्रायलर चिकन की कीमत में कमी है. चिकन कुल लागत का बड़ा हिस्सा होता है. इसके अलावा प्याज आलू और दाल के सस्ते होने से भी लागत घटी है. नवरात्र के दौरान मांग कम रहने से चिकन के दाम नीचे आए. इससे नॉन वेज खाने की लागत में कमी आई.
तेल और गैस ने बढ़ाया खर्च
खाने के तेल की कीमत में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वैश्विक बाजार में सप्लाई की दिक्कत इसका कारण है. इसके साथ ही एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे रसोई का खर्च बढ़ा है. इन दोनों कारणों ने थाली की लागत को नीचे आने से रोका है. घरेलू बजट पर इसका असर साफ दिख रहा है.
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आने वाले समय में क्या होगा असर
आने वाले महीनों में कीमतों में बदलाव संभव है. प्याज की कीमत अभी दबाव में रह सकती है लेकिन आगे बढ़ने की संभावना है. टमाटर और तेल की कीमत पर भी नजर बनी रहेगी. अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भी बाजार पर पड़ सकता है. कुल मिलाकर घरेलू खाने की लागत में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है.
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