क्या देश की नंबर-1 सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक को पछाड़ पाएगी अंबुजा, जानें इस सेक्टर में अभी कितनी संभावना? क्या है शेयरों का हाल

अडानी ग्रुप के तहत अंबुजा सीमेंट आक्रामक विस्तार और एकीकरण की रणनीति पर काम कर रही है. कंपनी प्रोडक्शन क्षमता 155 mtpa तक पहुंचाने और ₹100 प्रति टन की लागत बचत से कंपनी अल्ट्राटेक को चुनौती दे सकती है. हालांकि, सेक्टर का लीडर बनने का रास्ता अभी लंबा है, लेकिन सीमेंट सेक्टर निवेशकों के लिए मजबूत मौके पेश कर रहा है.

सीमेंट सेक्टर Image Credit: canva

भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर बूम के बीच सीमेंट सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है. सड़कें, रेलवे, हाउसिंग और मेगा प्रोजेक्ट्स जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं, उसी रफ्तार से सीमेंट कंपनियों की दौड़ भी तेज हो गई है. इसी दौड़ में अडानी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट अचानक चर्चा के केंद्र में आ गई है. कंपनी बड़े अधिग्रहण, आक्रामक विस्तार और लागत घटाने पर तेजी से काम कर रही है. ऐसे में अब सवाल उठने लगा है क्या अंबुजा सीमेंट आने वाले वर्षों में देश की नंबर-1 सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट को पछाड़ पाएगी? आइये कंपनी के शेयरों और अन्य पहलुओं पर नजर डालते हैं.

सीमेंट सेक्टर में अभी कितनी संभावना

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक देश है. देश की स्थापित क्षमता करीब 700 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है जबकि वास्तविक खपत लगभग 450 मिलियन टन है. प्रति व्यक्ति सीमेंट खपत अभी करीब 290 किलोग्राम है, जो वैश्विक औसत से कम है. अनुमान है कि 2030 तक मांग 670 मिलियन टन तक पहुंच सकती है. इसका मतलब है कि बड़े खिलाड़ियों के लिए विस्तार की गुंजाइश अभी काफी है.

अडानी ग्रुप की बड़ी योजना

अंबुजा सीमेंट इस समय अडानी ग्रुप की सीमेंट रणनीति का केंद्र है. ग्रुप ने ACC, Orient Cement, Sanghi Industries और Penna Cement जैसी कंपनियों को अंबुजा के साथ जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. मकसद साफ है कि कंपनी एक मजबूत, पैन-इंडिया सीमेंट प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहती है. इस एकीकरण से उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य भारत में अंबुजा की मौजूदगी संतुलित होगी. ग्राहक स्तर पर ब्रांड अलग रहेंगे, लेकिन बैकएंड में लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और खरीद एक साथ होंगी.

मैनेजमेंट का अनुमान है कि इस एकीकरण से करीब ₹100 प्रति टन की लागत बचत हो सकती है. तुलना करें तो FY26 की पहली छमाही में अंबुजा का EBITDA प्रति टन करीब ₹1,040 रहा है. लागत घटने से मार्जिन में सुधार और कैश फ्लो मजबूत होने की उम्मीद है

कितनी बढ़ेगी क्षतमा

एकीकरण के बाद अंबुजा की क्षमता 107 mtpa से बढ़कर FY28 तक करीब 155 mtpa होने का अनुमान है. वहीं अल्ट्राटेक की मौजूदा क्षमता 192 mtpa है, जो FY28 तक 225 mtpa से ऊपर जा सकती है यानी आकार में अंबुजा अभी पीछे रहेगी लेकिन अंतर जरूर कम होगा. फिलहाल अंबुजा की बाजार हिस्सेदारी करीब 16.6% है.

शेयरों का हाल

अंबुजा सीमेंट के शेयर फिलहाल 556.4 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं. इसने पिछले एक साल में 3.24% और पिछले 5 साल में 123% से अधिक का रिटर्न दिया है. इस कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.40 लाख रुपये है.

सोर्स: Groww

अल्ट्राटेक सीमेंट के स्टॉक फिलहाल 11899 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. इसने पिछले 1 साल में 0.82% रिटर्न दिया है और पिछले 5 साल में 124% से अधिक का रिटर्न दिया है. इस कंपनी का मार्केट कैप 3.50 लाख रुपये है.

सोर्स: Groww

इसे भी पढ़ें: इन 3 डेट फ्री स्टॉक में लगातार हिस्सेदारी बढ़ा रही सिंगापुर सरकार, 5 साल में 510% तक रिटर्न, दमदार है फंडामेंटल्स

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.