इंतजार की घड़ी खत्म होने के करीब, 7 से 8 महीनों में आ सकता है NSE का IPO, 3 महीने में तैयार हो जाएगा DRHP; CEO का बड़ा संकेत

NSE के MD और CEO अशिष चौहान ने एक इंटरव्यू में बताया कि एक्सचेंज अपने IPO के लिए 7 से 8 महीने की समयसीमा पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि बाजार नियामक SEBI से IPO के लिए जरूरी NOC मिल चुका है. इसके बाद अब कंपनी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP तैयार कर रही है.

NSE IPO Image Credit: @Canva/Money9live

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के IPO का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है. निवेशक, ब्रोकर और बाजार से जुड़े लोग जानना चाहते हैं कि आखिर यह IPO कब आएगी. अब इस पर खुद NSE के टॉप अधिकारी ने बड़ा संकेत दिया है. कंपनी के MD और CEO अशिष कुमार चौहान का कहना है कि अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक चला तो अगले सात से आठ महीनों में IPO लाया जा सकता है. उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बाजार नियामक से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है. इससे उम्मीद जगी है कि इस साल के आखिर तक NSE शेयर बाजार में उतर सकता है.

7 से 8 महीने में आ सकता है IPO

NSE के MD और CEO अशिष चौहान ने CNBC को इंटरव्यू में बताया कि एक्सचेंज अपने IPO के लिए 7 से 8 महीने की समयसीमा पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि बाजार नियामक SEBI से IPO के लिए जरूरी NOC मिल चुका है. इसके बाद अब कंपनी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP तैयार कर रही है.

DRHP तैयार होने में लगेगा वक्त

चौहान के मुताबिक DRHP बनाने में करीब तीन से चार महीने का समय लग सकता है. इसके बाद इस दस्तावेज को सेबी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. सेबी से अंतिम स्वीकृति मिलने में दो से तीन महीने और लग सकते हैं. इन सभी चरणों को जोड़कर देखा जाए तो कुल मिलाकर सात से आठ महीने का वक्त बनता है. इसी वजह से NSE इस साल के आखिर तक IPO लाने का टारगेट रख रही है.

पूरी तरह OFS होगा IPO

NSE का यह आईपीओ पूरी तरह OFS होगा. इसका मतलब है कि इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बाजार में बेचेंगे. इसके लिए एक्सचेंज पहले से ही अपने पुराने निवेशकों से शेयर जुटाने की प्रक्रिया में लगा हुआ है.

बजट पर भी दी प्रतिक्रिया

बजट 2026 को लेकर पूछे गए सवाल पर चौहान ने कहा कि हर साल बाजार को कुछ उम्मीदें रहती हैं, लेकिन सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी होता है. शेयर लेनदेन पर लगने वाले टैक्स यानी STT में कटौती की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि बजट में जो भी फैसला आएगा, वह एक्सचेंज के लिए ठीक रहेगा.

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