HDFC फ्लेक्सी कैप MF को बड़ा झटका, स्टार फंड मैनेजर ने ली विदाई; निवेशकों के लिए रेड फ्लैग या फेक डर

रोशी जैन दिसंबर 2021 में HDFC म्यूचुअल फंड से जुड़ी थीं. उन्होंने दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन की जगह ली थी. उनके कार्यकाल में HDFC फ्लेक्सी कैप फंड, HDFC फोकस्ड फंड और HDFC ELSS टैक्स सेवर फंड ने अच्छे रिटर्न दिए.

HDFC Flexi Cap Fund Image Credit: Canva/Money9 live

HDFC Flexi Cap Fund: भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में जब भी किसी बड़े या चर्चित फंड मैनेजर के जाने की खबर आती है, तो निवेशकों के मन में सबसे पहले यही सवाल उठता है कि अब उनके पैसे का क्या होगा. हाल ही में यही स्थिति तब बनी, जब स्टार फंड मैनेजर रोशी जैन ने HDFC म्यूचुअल फंड से विदाई ली. वह HDFC फ्लेक्सी कैप फंड को संभाल रही थीं, जो देश का सबसे बड़ा फ्लेक्सी कैप फंड है.

इस खबर के बाद कई निवेशक घबरा गए और सोचने लगे कि क्या उन्हें भी इस फंड से बाहर निकल जाना चाहिए. लेकिन क्या सिर्फ फंड मैनेजर के बदलने से निवेश का फैसला बदल देना सही है. इस रिपोर्ट में हम विस्तार से समझेंगे कि रोशी जैन के जाने का असर कितना बड़ा है, नया फंड मैनेजर कौन है, और निवेशकों के लिए आगे का रास्ता क्या होना चाहिए.

रोशी जैन का HDFC में सफर

रोशी जैन दिसंबर 2021 में HDFC म्यूचुअल फंड से जुड़ी थीं. उन्होंने दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन की जगह ली थी. उनके कार्यकाल में HDFC फ्लेक्सी कैप फंड, HDFC फोकस्ड फंड और HDFC ELSS टैक्स सेवर फंड ने अच्छे रिटर्न दिए. बीते तीन साल में इन फंड्स का रिटर्न कैटेगरी औसत से बेहतर रहा. इसी वजह से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ.

 AUM (Rs in Crore)
HDFC Flexi Cap Fund94,069
HDFC Focused Fund26,230
HDFC ELSS Tax Saver17,241
TOTAL1,37,539
डेटा 30 नवंबर 2025 तक का है, सोर्स: HDFC म्यूचुअल फंड की वेबसाइट

कितना बड़ा है HDFC फ्लेक्सी कैप फंड

HDFC फ्लेक्सी कैप फंड का एसेट साइज करीब 94 हजार करोड़ रुपये है. यह भारत का सबसे बड़ा फ्लेक्सी कैप फंड है. इस फंड में करीब 50 से 55 शेयर होते हैं. ज्यादातर निवेश बड़ी कंपनियों में है. बैंकिंग, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर इसमें अहम हिस्सेदारी रखते हैं. रोशी जैन के जाने के बाद HDFC म्यूचुअल फंड ने जल्दी फैसला लिया. अब HDFC फ्लेक्सी कैप फंड की जिम्मेदारी चिराग सेटलवाड़ के पास है. वह HDFC म्यूचुअल फंड में इक्विटी के प्रमुख हैं. उनके पास करीब 25 साल का अनुभव है. वह पहले से ही मिडकैप, स्मॉलकैप और हाइब्रिड इक्विटी जैसे बड़े फंड संभाल रहे हैं.

क्या फंड की रणनीति बदलेगी

HDFC फ्लेक्सी कैप फंड की निवेश रणनीति साफ है. यह फंड बड़ी, मझोली और छोटी कंपनियों में मौके के हिसाब से निवेश करता है. अच्छी गुणवत्ता, मजबूत बैलेंस शीट और लंबे समय की ग्रोथ पर फोकस रहता है. यह रणनीति फंड हाउस की है, सिर्फ किसी एक मैनेजर की नहीं. इसलिए फंड मैनेजर बदलने से अचानक बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है.

HDFC फ्लेक्सी कैप फंड की टॉप 10 इक्विटी होल्डिंग्स

निवेशकों को क्या करना चाहिए

FE की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ किसी फंड मैनेजर के जाने से घबराकर निवेश बेच देना समझदारी नहीं है. HDFC जैसे बड़े और मजबूत फंड हाउस में सिस्टम और टीम अहम भूमिका निभाती है. अगर आपकी निवेश अवधि लंबी है और आपका जोखिम लेने का स्तर इस फंड से मेल खाता है, तो बने रहना बेहतर हो सकता है. हां, निवेश का फैसला हमेशा अपने लक्ष्य और जरूरत के हिसाब से करना चाहिए. जरूरत पड़े तो सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह लें.

सोर्स: FE, HDFC Mutual Fund’s Factsheet,

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.