ICICI Prudential AMC कर रही SIF सेगमेंट में एंट्री, 16 जनवरी को खुलेंगे 2 नए NFO; जानें कितने से कर सकते हैं निवेश
ICICI Prudential ने भारत में पहली बार SIF कैटेगरी के तहत दो नए NFO पेश किए हैं, जो 16 जनवरी 2026 से निवेश के लिए खुलेंगे. ये फंड पारंपरिक म्युचुअल फंड से अलग लॉन्ग शॉर्ट और डेरिवेटिव आधारित रणनीति अपनाते हैं. iSIF Hybrid Long-Short Fund और iSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund निवेशकों को उतार चढाव वाले बाजार में स्थिर रिटर्न का मौका देते हैं.
ICICI Prudential SIF: भारतीय म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. ICICI Prudential एसेट मैनेजमेंट कंपनी पहली बार स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड यानी SIF कैटेगरी में अपने 2 फंड लॉन्च करने जा रही है. ये दोनों NFO 16 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक खुले रहेंगे. कंपनी iSIF Hybrid Long-Short Fund और iSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund के जरिए निवेशकों को पारंपरिक म्युचुअल फंड से आगे की निवेश रणनीति का विकल्प दे रही है. सेबी द्वारा हाल ही में शुरू किए गए SIF फ्रेमवर्क का मकसद म्युचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज के बीच की खाई को भरना है, ताकि निवेशकों को ज्यादा बेहतर और सही निवेश रणनीतियां मिल सकें.
SIF क्या है और यह क्यों खास है
स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड एक ऐसा नया निवेश सेगमेंट है, जिसमें फंड हाउस को लॉन्ग शॉर्ट, डेरिवेटिव्स और हेजिंग जैसी बेहतर रणनीतियों का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलती है. आम म्युचुअल फंड जहां ज्यादातर केवल लॉन्ग पोजीशन पर आधारित होते हैं, वहीं SIF में गिरते बाजार से भी कमाई करने की गुंजाइश होती है.
हालांकि ये फंड अब भी म्युचुअल फंड के रेगुलेटरी ढांचे के भीतर ही रहेंगे. इस सेगमेंट में निवेश की न्यूनतम राशि 10 लाख रुपये तय की गई है, जिससे यह साफ है कि यह कैटेगरी अनुभवी और हाई नेटवर्थ निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है.
iSIF Hybrid Long-Short Fund की रणनीति
iSIF Hybrid Long-Short Fund एक मल्टी एसेट स्ट्रैटेजी पर काम करेगा. इसमें इक्विटी, डेट और डेरिवेटिव्स तीनों में निवेश किया जाएगा. इक्विटी पोर्टफोलियो को मैनेज रजत चंदक और आयुष शाह करेंगे, जबकि डेट हिस्से की जिम्मेदारी मनीष बंथिया और अखिल कक्कड़ के पास होगी. इस फंड का उद्देश्य डायनामिक एसेट एलोकेशन, हेजिंग और चुनिंदा शॉर्ट पोजीशन के जरिए जोखिम को कम रखते हुए बेहतर रिटर्न हासिल करना है. यह रणनीति खास तौर पर उतार चढ़ाव भरे बाजार में निवेशकों को स्थिरता देने पर केंद्रित होगी.
iSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund पर नजर
यह फंड मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से टॉप 100 कंपनियों से बाहर की कंपनियों पर फोकस करेगा, यानी इसमें मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की अहम भूमिका होगी. इस फंड को सीआईओ एस नरेन के साथ मनन तिजोरिवाला और दिव्या जैन मैनेज करेंगे. फंड को इक्विटी डेरिवेटिव्स के जरिए अधिकतम 25 फीसदी तक अनहेज्ड शॉर्ट एक्सपोजर लेने की अनुमति होगी, जिससे गिरावट के दौर में नुकसान को सीमित किया जा सके.
निवेश से जुड़ी अहम शर्तें
दोनों फंड रेगुलर और डायरेक्ट प्लान में उपलब्ध होंगे और इनमें केवल ग्रोथ विकल्प रहेगा. निवेशक इनमें लंप सम और SIP दोनों तरीकों से निवेश कर सकते हैं, लेकिन न्यूनतम निवेश 10 लाख रुपये से कम नहीं होगा. अगर कोई निवेशक अलॉटमेंट के 12 महीने के भीतर पैसा निकालता है, तो उस पर 1 फीसदी का एग्जिट लोड लगाया जाएगा.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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