8th Pay Commission: कर्मचारियों को इस मुद्दे पर लग सकता है झटका, 7वें वेतन आयोग में भी नहीं मानी गई थी बात
8th Pay Commission की शुरुआत हो चुकी है और केंद्रीय कर्मचारी तथा पेंशनर जल्दी सिफारिशों के लागू होने की उम्मीद कर रहे हैं. 7th CPC ने इसी तरह की मांग को ठुकरा दिया था, क्योंकि आयोग 6th CPC की सिफारिशों के 10 साल पूरे होने से पहले गठित हुआ था. कर्मचारी DA विलय, वेतन वृद्धि और हर पांच साल में संशोधन की मांग कर रहे हैं.
8th Pay Commission: कर्मचारियों को इस मुद्दे पर लग सकता है झटका, 7वें वेतन आयोग में भी नहीं मानी गई थी बात 8वीं वेतन आयोग को लेकर गहमागहमी तेज है. सरकार के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (TOR) जारी होने के बाद से ही कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं. उनकी प्रमुख मांगों में यह शामिल है कि नई सिफारिशों को जल्दी से लागू किया जाए ताकि उन्हें वित्तीय राहत मिल सके. कुछ ने तो सरकार से तुरंत 20 फीसदी अंतरिम राहत देने की मांग भी की है. हालांकि, इस मामले में निराशा हो सकती है क्योंकि ऐसी ही मांग 7वें वेतन आयोग में की गई थी जिसे अस्वीकार कर दिया गया था. 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार होने में 12-18 महीने का समय लग सकता है.
7th CPC ने क्यों ठुकराई जल्दी लागू करने की मांग
7th Pay Commission के स्टाफ साइड ने मांग की थी कि सिफारिशें 1 जनवरी 2014 से लागू हों. उनका तर्क था कि DA का बेसिक पे में विलय न होने से वेतन का मूल्य घट गया था. हालांकि, 7th CPC ने इसे मान्यता नहीं दी और कहा कि आयोग 6th CPC की सिफारिशों के 10 साल पूरे होने से पहले ही गठित किया गया था.
आयोग ने अपना कारण बताया
7th CPC ने रिपोर्ट में लिखा कि आयोग 2014 में गठित हुआ था जबकि 6th CPC की सिफारिशें 1 जनवरी 2006 से लागू थीं. आयोग ने कहा कि नई सिफारिशें 10 साल की अवधि खत्म होने से पहले ही तैयार हो जाएंगी. इसलिए उन्होंने तुरंत लागू करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया और नई वेतन स्ट्रक्चर 1 जनवरी 2016 से लागू करने की सिफारिश की.
कर्मचारियों की मांग
कर्मचारी चाहते थे कि DA का विलय बेसिक पे में जल्दी किया जाए और वेतन स्ट्रक्चर में तेजी से बदलाव हो. वेतन में गिरावट और महंगाई के कारण यह मांग उठी. इसके साथ ही कुछ ने हर पांच साल में वेतन संशोधन की भी मांग की थी.
8th CPC के लिए उम्मीद
अब 8th Pay Commission की शुरुआत हो चुकी है और कर्मचारी यह उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी सिफारिशें जल्दी लागू हों. कुछ मांग कर रहे हैं कि अंतरिम राहत के रूप में 20 फीसदी बढ़ोतरी तुरंत दी जाए. हालांकि, यह देखना होगा कि सरकार इस मांग को कब और कैसे पूरा करती है.
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आम कर्मचारी के लिए क्या मायने रखता है
कर्मचारी और पेंशनर यह जानना चाहते हैं कि नई सिफारिशें उनके वेतन और पेंशन में कैसे बदलाव लाएंगी. 7th CPC के समय जैसा अनुभव रहा, उससे यह स्पष्ट है कि तुरंत राहत हमेशा संभव नहीं होती. 8th CPC की सिफारिशें लागू होने पर ही कर्मचारियों को वास्तविक लाभ मिलेगा.
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