8वें वेतन आयोग से जुड़ी खुशखबरी: पेंशन रिवीजन पर भी सिफारिश देगा कमीशन, जानें वित्त राज्य मंत्री ने और क्या बताया
वित्त मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 8वां वेतन आयोग पेंशन संशोधन पर भी सिफारिशें देगा, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत मिली है. हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने की कोई योजना नहीं है. 8th CPC को लेकर अधिसूचना 3 नवंबर को जारी हो चुकी है.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. वित्त मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पेंशन संशोधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी सिफारिशें देगा. लंबे समय से कर्मचारी संगठनों और पेंशनरों की ओर से प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र भेजकर यह मांग की जा रही थी कि 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में पेंशन संशोधन को शामिल किया जाए. अब मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेंशन संशोधन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का एक हिस्सा होगा.
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने क्या बताया
राज्यसभा में सांसद जावेद अली खान और रामजी लाल सुमन के प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 8वां वेतन आयोग वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े विषयों पर व्यापक सिफारिशें देगा. उन्होंने बताया कि आयोग को वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन प्रणाली से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करने का अधिकार होगा.
DA को बेसिक पे के साथ मर्ज करने का प्रस्ताव नहीं
हालांकि, कर्मचारियों के लिए राहत की उम्मीदों के बीच सरकार ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टिकरण भी दिया है. चौधरी ने कहा कि अभी सरकार का महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक पे के साथ मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. कई कर्मचारी संगठनों ने DA के 50% स्तर पर पहुंचने के बाद इसे बेसिक वेतन में जोड़ने की मांग रखी थी, ताकि भविष्य की सैलरी, पेंशन और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी संभव हो सके लेकिन सरकार ने फिर दोहराया है कि इस दिशा में कोई योजना नहीं है.
अधिसूचना जारी
कर्मचारियों के सामने एक और अहम सवाल था- क्या आठवें वेतन आयोग के गठन से संबंधित अधिसूचना जारी हुई है या नहीं. इस पर चौधरी ने जानकारी दी कि सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक रूप से Eighth Central Pay Commission के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है और इसके Terms of Reference भी अधिसूचित कर दिए गए हैं. आयोग के चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति भी कर दी गई है, जिसके बाद आयोग जल्द ही अपने काम की शुरुआत करेगा.
क्या होता है टर्म्स ऑफ रेफरेंस
टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) वे विस्तृत नियम और दिशानिर्देश होते हैं जिनके आधार पर वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करता है. इन्हें संयुक्त परामर्श मशीनरी (JCM) तैयार करती है, और वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कैबिनेट कमेटी द्वारा इन्हें मंजूरी दी जाती है. इन्हीं शर्तों के आधार पर आयोग वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय संरचनाओं पर डेटा का अध्ययन करके अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपता है. 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 2026 में प्रस्तुत की जा सकती है, जिसके बाद आगे के फैसले कैबिनेट के स्तर पर लिए जाएंगे.
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