बिजनेस करने के लिए ₹140000 तक लोन दे रही सरकार, जानें किसे मिलता है लाभ, कैसे करें आवेदन

ग्रामीण और पिछड़े वर्ग की कई महिलाएं हुनर और हौसले से भरी होती हैं, लेकिन पैसों की कमी उनके सपनों को रोक देती है. ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए महिला समृद्धि योजना एक मजबूत सहारा बनकर आई है. यह योजना प्रशिक्षण, आर्थिक मदद और आत्मनिर्भर बनने का अवसर देकर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है.

Mahila Samriddhi Yojana Image Credit: @AI/Money9live

Mahila Samriddhi Yojana: आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन आर्थिक कमी कई बार उनके सपनों के रास्ते में रुकावट बन जाती है. खासकर ग्रामीण और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अपना खुद का काम शुरू करना आसान नहीं होता. ऐसी ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को उड़ान देने के लिए केंद्र सरकार ने महिला समृद्धि योजना शुरू की है. यह योजना न सिर्फ महिलाओं को प्रशिक्षण और आर्थिक मदद देती है, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होकर सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करती है.

महिला समृद्धि योजना क्या है?

महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) केंद्र सरकार की एक योजना है, जो गरीब और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक सहायता देना है. इसके तहत महिलाओं को समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप) में प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण के दौरान भत्ता भी मिलता है.

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को कम ब्याज दर पर माइक्रो-क्रेडिट यानी छोटा लोन दिया जाता है, ताकि वे अपना खुद का काम या व्यवसाय शुरू कर सकें. यह योजना खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए बनाई गई है, जिससे वे सामाजिक बाधाओं को पार कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें.

महिला समृद्धि योजना के लाभ

महिला समृद्धि योजना महिलाओं के लिए एक माइक्रो फाइनेंस योजना है, जिसमें कम ब्याज पर लोन दिया जाता है और ब्याज में छूट भी मिलती है. इस योजना के तहत महिलाओं को ₹1,40,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें. लिया गया लोन लगभग 3.5 वर्षों में चुकाना होता है, जो तिमाही किस्तों में होता है. इसके अलावा, यदि लाभार्थी इस योजना के तहत लिया गया लोन समय पर चुका देती हैं, तो वे भविष्य में एनएसएफडीसी (NSFDC) की अन्य लोन योजनाओं का लाभ भी ले सकती हैं. यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करती है.

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किसे मिलता है लाभ?

महिला समृद्धि योजना का लाभ वही महिलाएं ले सकती हैं जिनकी उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच हो. यह योजना कम आय वाली महिलाओं के लिए है, विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित महिलाओं के लिए, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम हो. इसके अलावा, वे महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं या किसी आय अर्जित करने वाली गतिविधि में शामिल होना चाहती हैं. यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है.

कैसे करें आवेदन?

  1. सबसे पहले NSFDC की आधिकारिक वेबसाइट या अपने राज्य सरकार के पोर्टल पर जाएं.
  2. वहां से महिला समृद्धि योजना का आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें.
  3. आवेदन फॉर्म में अपनी पूरी जानकारी सावधानी से भरें, जैसे नाम, उम्र, संपर्क विवरण और आवश्यक लोन की राशि.
  4. फॉर्म के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज अटैच करें.
  5. भरा हुआ आवेदन फॉर्म संबंधित स्टेट चैनलाइजिंग एजेंसी (SCA) के जिला कार्यालय में जमा करें.
  6. आवेदन की जांच के बाद, जिला कार्यालय इसे आगे मुख्य कार्यालय को भेजता है.
  7. पात्र महिलाएं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या NBFC-MFI के माध्यम से भी आवेदन कर सकती हैं.
  8. आवेदन स्वीकृत होने के बाद सभी नियमों और शर्तों को पूरा करने पर ऋण राशि जारी की जाती है.
  9. ऋण की राशि बैंक या संबंधित एजेंसी के माध्यम से सीधे लाभार्थी को दी जाती है.
  10. लाभार्थी को निर्धारित समय के अनुसार लोन की किस्तें चुकानी होती हैं.