दिल्ली से देहरादून 2.5 घंटे में, 14 अप्रैल को होगा उद्घाटन! PM मोदी देंगे सौगात, जानें स्पीड लिमिट और अन्य डिटेल

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को होने की उम्मीद है. यह छह लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली, बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाएगा. इसके शुरू होने से यात्रा समय 6 से 7 घंटे से घटकर करीब ढाई से तीन घंटे रह जाएगा. इसमें 12 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर भी है जो वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है.

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को होने की उम्मीद है. Image Credit: money9live

Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कर सकते हैं. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और देहरादून के बीच सफर को तेज और आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है. करीब 4 साल से ज्यादा समय में बनकर तैयार इस प्रोजेक्ट से यात्रा समय में बड़ी कटौती होगी. इसके साथ ही यह आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संतुलन का बेहतरीन उदाहरण भी माना जा रहा है.

कब से शुरू हो सकता है एक्सप्रेसवे

दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को प्रस्तावित है. इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. हालांकि सटीक तारीख प्रशासन की अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगी. उद्घाटन के दौरान सहारनपुर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा. एक्सप्रेसवे शुरू होते ही लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है.

क्या है इसका पूरा रूट

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली को सीधे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से जोड़ता है. इसका मुख्य रूट दिल्ली से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर से गुजरता है. इसके बाद यह उत्तराखंड में प्रवेश कर देहरादून तक जाता है. इस पूरे रास्ते को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा बिना रुकावट के पूरी हो सके. एक्सप्रेसवे के जरिए शहरों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.

कितना कम होगा सफर का समय

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर काफी छोटा हो जाएगा. जहां पहले 6 से 7 घंटे लगते थे, वहीं अब यह यात्रा करीब ढाई से तीन घंटे में पूरी हो सकेगी. हाई स्पीड और सिग्नल फ्री रूट इसकी सबसे बड़ी वजह है. इससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.

एक्सप्रेसवे की प्रमुख खासियतें

यह छह लेन का आधुनिक एक्सप्रेसवे है जिसमें कई हाई टेक सुविधाएं दी गई हैं. इसमें ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए ऑटोमेटिक सिस्टम लगाए गए हैं. वाहनों की स्पीड लिमिट भी तय की गई है. कार के लिए 100 किमी प्रति घंटा, भारी वाहनों के लिए 80 और दो पहिया के लिए 60 किमी प्रति घंटा की सीमा रखी गई है. इसके अलावा सुरक्षित ड्राइविंग के लिए आधुनिक संकेत और निगरानी व्यवस्था भी होगी.

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ग्रीन कॉरिडोर बना सबसे खास हिस्सा

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका 12 किमी लंबा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर है. यह हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व के ऊपर से गुजरता है. इसे इस तरह बनाया गया है कि जंगली जानवरों की आवाजाही प्रभावित न हो. हाथी, बाघ और हिरण जैसे जानवर आसानी से अपने रास्ते पर चल सकें. यह एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है.