Apple Pay की खबर ने फिनटेक सेक्टर में मचाया तहलका, पेटीएम से लेकर पाइन लैब्स तक हिले; शेयर टूटे
भारत में एप्पल पे की संभावित एंट्री की खबर से फिनटेक सेक्टर में हलचल तेज हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल इंक देश के प्रमुख बैंकों और इंटरनेशनल पेमेंट नेटवर्क्स के साथ बातचीत कर रही है. 2026 के मध्य तक एप्पल पे लॉन्च होने की संभावना जताई जा रही है. इस खबर का असर फिनटेक कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखा, जहां पेटीएम, पाइन लैब्स और मोबीक्विक जैसे शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट आई.
Apple Pay: भारत में डिजिटल पेमेंट मार्केट में एंट्री को लेकर एप्पल ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल इंक देश के प्रमुख बैंकों और ग्लोबल कार्ड नेटवर्क्स के साथ बातचीत कर रही है. उम्मीद है कि 2026 के मध्य तक एप्पल पे सर्विस की शुरुआत की जा सकती है. अगर यह योजना अमल में आती है, तो दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट मार्केट में एप्पल की मौजूदगी और मजबूत हो सकती है. इस खबर से फिनटेक सेक्टर की कंपनियों में करीब 5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है.
इन बैंकों से चल रही है चर्चा
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के साथ बातचीत कर रही है. इसके साथ ही मास्टरकार्ड और वीजा जैसे इंटरनेशनल पेमेंट नेटवर्क्स से भी चर्चा जारी है. हालांकि लॉन्च की टाइमलाइन अभी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन बातचीत का मौजूदा स्तर इस बात का संकेत देता है कि एप्पल पे का भारत आगमन ज्यादा दूर नहीं है.
यूपीआई सपोर्ट के साथ आ सकता है एप्पल पे
भारत में एप्पल पे के लिए सबसे अहम पहलू यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई का सपोर्ट माना जा रहा है. यूपीआई देश के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की रीढ़ बन चुका है, जिसके जरिए करोड़ों यूजर्स तुरंत ट्रांजैक्शन और बिल पेमेंट करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल पे कार्ड आधारित पेमेंट्स के साथ-साथ यूपीआई को भी सपोर्ट कर सकता है.
पहले से मजबूत है प्रतिस्पर्धा
भारतीय डिजिटल पेमेंट बाजार में पहले से ही गूगल पे, फोनपे, अमेजन पे और पेटीएम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म एक्टिव हैं. ऐसे में एप्पल पे की एंट्री प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है. खास बात यह है कि एप्पल पे फेस आईडी और टच आईडी के जरिए पेमेंट ऑथेंटिकेशन पर आधारित है, जो हाल ही में रिजर्व बैंक की ओर से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को मंजूरी मिलने के बाद और अहम हो गया है.
एप्पल की भारत रणनीति
भारत में एप्पल की बाजार हिस्सेदारी अभी करीब 10 फीसदी के आसपास है, लेकिन कंपनी मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल विस्तार के जरिए अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. डिजिटल पेमेंट सर्विस की शुरुआत से न सिर्फ एप्पल की सर्विस रेवेन्यू ग्रोथ को सपोर्ट मिल सकता है, बल्कि इसके हार्डवेयर डिवाइसेज जैसे आईफोन, एप्पल वॉच और आईपैड की डिमांड भी बढ़ सकती है. तेजी से बढ़ते मिडिल क्लास और डिजिटल पेमेंट अपनाने की रफ्तार को देखते हुए भारत एप्पल के लिए एक प्रमुख ग्रोथ मार्केट बनता जा रहा है.
इन कंपनियों के शेयर पर दिखा असर
इस खबर ने आज फिनटेक कंपनियों के शेयरों को जोरदार झटका दिया है. पाइन लैब्स लिमिटेड के शेयरों में 4.38 फीसदी की गिरावट आई, जबकि वन मोबीक्विक सिस्टम्स लिमिटेड के शेयरों में 1.10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. वहीं वन 97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) के शेयर 0.92 फीसदी टूट गए.
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