Hindustan Zinc vs Hindustan Copper: कौन है मेटल किंग? एक देता है मोटा डिविडेंड, दूसरा भर रहा फर्राटा

मेटल सेक्टर के शेयर निवेशकों की नजर में फिर से आ गए हैं. इस सेक्टर में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. Hindustan Zinc Ltd और Hindustan Copper Ltd. दोनों कंपनियां सरकारी या बड़े ग्रुप से जुड़ी हैं और भारत की मेटल जरूरतों में अहम भूमिका निभाती हैं. लेकिन दोनों का बिजनेस मॉडल, ग्रोथ और जोखिम अलग है.

हिंदुस्तान जिंक Image Credit: Hindustan zinc

Hindustan Zinc vs Hindustan Copper: भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. सड़क, रेलवे, बिजली, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी पर सरकार का फोकस लगातार बढ़ रहा है. इन सभी सेक्टरों की रीढ़ होते हैं मेटल्स. जिंक और कॉपर जैसे मेटल्स के बिना न तो कंस्ट्रक्शन संभव है और न ही इलेक्ट्रिफिकेशन या रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार. इसी वजह से मेटल सेक्टर के शेयर निवेशकों की नजर में फिर से आ गए हैं. इस सेक्टर में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. Hindustan Zinc Ltd और Hindustan Copper Ltd. दोनों कंपनियां सरकारी या बड़े ग्रुप से जुड़ी हैं और भारत की मेटल जरूरतों में अहम भूमिका निभाती हैं. लेकिन दोनों का बिजनेस मॉडल, ग्रोथ और जोखिम अलग है.

हिंदुस्तान जिंक का कारोबार

हिंदुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी जिंक प्रोडक्शन कंपनी है और दुनिया की टॉप जिंक कंपनियों में शामिल है. यह कंपनी चांदी का भी बड़ा उत्पादक है. इसके ज्यादातर माइंस राजस्थान में हैं. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने रिकॉर्ड मेटल प्रोडक्शन किया. इसके पास 25 साल से ज्यादा का रिजर्व मौजूद है. इसका मतलब है कि लंबे समय तक कच्चे माल की कोई बड़ी चिंता नहीं है. कंपनी अब सिर्फ कच्चा जिंक बेचने तक सीमित नहीं है. वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का हिस्सा बढ़ रहा है, जिससे मुनाफा बेहतर होता है.

हिंदुस्तान जिंक की आगे की योजना

हिंदुस्तान जिंक 2030 तक अपनी मेटल उत्पादन क्षमता दोगुनी करना चाहती है. नए स्मेल्टर, नई माइंस और सिल्वर रिकवरी प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. कंपनी खाद बनाने और टेलिंग्स से मेटल निकालने जैसे नए क्षेत्रों में भी उतर रही है. इसके अलावा लिथियम और रेयर अर्थ जैसे भविष्य के मेटल्स पर भी नजर है.

हिंदुस्तान कॉपर का कारोबार

हिंदुस्तान कॉपर भारत की इकलौती ऐसी कंपनी है जो कॉपर की माइनिंग से लेकर रिफाइनिंग तक पूरा काम खुद करती है. इसके पास देश के करीब आधे कॉपर रिजर्व हैं. इसके प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और महाराष्ट्र में फैले हैं. भारत कॉपर का बड़ा आयातक है, इसलिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने में इस कंपनी की भूमिका अहम है.

हिंदुस्तान कॉपर की ग्रोथ प्लान

हिंदुस्तान कॉपर अपनी माइनिंग क्षमता को तीन गुना तक बढ़ाने की तैयारी में है. पुरानी माइंस को दोबारा खोला जा रहा है और नई अंडरग्राउंड माइनिंग तकनीक अपनाई जा रही है. कंपनी ने विदेशी कॉपर दिग्गजों के साथ साझेदारी भी की है, ताकि नई तकनीक और एक्सप्लोरेशन में मदद मिले.

प्वाइंटहिंदुस्तान जिंकहिंदुस्तान कॉपर
शेयर कीमत₹627.30₹542.00
पिछले कारोबारी दिन का बदलाव+₹15.35. +2.51%+₹19.35. +3.70%
ओपन₹615.00₹530.00
दिन का हाई₹629.95₹545.20
दिन का लो₹614.30₹527.95
पिछला क्लोज₹611.95₹522.65
मार्केट कैप₹2.66 लाख करोड़₹52.39 हजार करोड़
पीई रेश्यो25.1292.59
डिविडेंड यील्ड3.87%0.27%
तिमाही डिविडेंड₹6.07₹0.37
52 हफ्ते का हाई₹656.35₹545.95
52 हफ्ते का लो₹378.15₹183.82
सोर्स: Google Finance

कमाई और मुनाफे की तस्वीर

हिंदुस्तान जिंक की कमाई मेटल की कीमतों पर ज्यादा निर्भर करती है. अच्छे दाम में मुनाफा बहुत मजबूत रहता है. हिंदुस्तान कॉपर की ग्रोथ धीरे लेकिन स्थिर है. उत्पादन बढ़ने के साथ इसके मार्जिन में सुधार दिख रहा है. मेटल की कीमतों में उतार-चढ़ाव सबसे बड़ा जोखिम है. इसके अलावा माइनिंग में सुरक्षा, पर्यावरण नियम और सरकारी मंजूरी भी अहम फैक्टर हैं. हिंदुस्तान जिंक मजबूत मुनाफे और बड़े स्केल की कंपनी है. वहीं हिंदुस्तान कॉपर भारत की बढ़ती कॉपर जरूरत का लंबा दांव है.

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