Nifty Outlook Jan 7: रेंज-बाउंड रह सकता है इंडेक्स, इस लेवल के ब्रेकआउट पर 26900 तक जा सकता है निफ्टी
6 जनवरी को निफ्टी 71.60 अंक गिरकर 26,178.70 पर बंद हुआ. हैवीवेट शेयरों में कमजोरी के चलते इंडेक्स दबाव में रहा. हालांकि गिरावट सीमित रही. 7 जनवरी के आउटलुक पर एक्सपर्ट्स ने कहा कि निफ्टी 26,000–26,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिके रहने पर बाय-ऑन-डिप्स रणनीति कारगर रह सकती है.
6 जनवरी को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच निफ्टी 71.60 अंक फिसलकर 26,178.70 पर बंद हुआ. कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद GIFT निफ्टी ने सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए थे, लेकिन बाजार खुलते ही रिलायंस और एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में कमजोरी का असर इंडेक्स पर दिखा. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 7 जनवरी को निफ्टी में कंसोलिडेशन के बीच सीमित दायरे में कारोबार रहने की संभावना है. निवेशकों को 26000–26100 के सपोर्ट और 26300–26400 के रेजिस्टेंस स्तरों पर खास नजर रखने की सलाह दी गई है.
गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखें
Angle One की इक्विटी टेक्निकल एनालिस्ट राजेश भोसले ने कहा कि पिछले दो सत्र बुल्स के लिए कुछ निराशाजनक रहे हैं. शुक्रवार को सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न से मजबूत ब्रेकआउट और नया ऑल-टाइम हाई बनने के बावजूद फॉलो-अप खरीदारी देखने को नहीं मिली. इसकी मुख्य वजह बड़े शेयरों में जारी कमजोरी है. हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों और सेक्टर्स में मजबूती के चलते मुनाफावसूली ज्यादा गहरी नहीं हो सकी. तकनीकी तौर पर निफ्टी अब भी ब्रेकआउट जोन और अहम शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जिससे बाजार का रुझान सकारात्मक है. ऐसे में किसी भी कंसोलिडेशन या हल्की गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए. 26100-26000 का जोन तत्काल सपोर्ट है, जबकि 26,300–26,400 का स्तर रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा.”
26,900 तक जा सकता है निफ्टी
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने कहा कि, “इंडेक्स ने हाई वेव कैंडल बनाई है, जिसमें लोअर हाई और लोअर लो देखने को मिला है. यह लगातार दूसरे सत्र ऑल-टाइम हाई के आसपास कंसोलिडेशन और करेक्शन के संकेत देता है. हमारा मानना है कि स्ट्रक्चर अब भी पॉजिटिव है और जब तक निफ्टी 26,000–25,900 के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ की रणनीति बुल्स के फेवर में रहेगी. यह जोन 50-डे EMA और पिछले चार महीनों की लो को जोड़ने वाली डिमांड लाइन का क्रॉसओवर है. आने वाले समय में निफ्टी 26,000–26,370 के दायरे में कंसोलिडेट कर सकता है. सोमवार के हाई 26,373 के ऊपर ब्रेकआउट आने पर इंडेक्स 26,500 और फिर 26,800–26,900 तक जा सकता है.”
26,100 के पास से उछाल ले सकता है निफ्टी
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि डेली चार्ट पर छोटी निगेटिव कैंडल बनी है, जिसमें ऊपर और नीचे दोनों ओर शैडो है. यह हाई वेव कैंडल पैटर्न बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को दिखाता है. 26,100–26,200 के आसपास के ब्रेकआउट लेवल पर अब थ्रो-बैक सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. शॉर्ट टर्म में निफ्टी 26,100 के पास से उछाल ले सकता है, जबकि 26,400 अगला रेजिस्टेंस रहेगा.
HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदिश शाह ने कहा कि शॉर्ट टर्म कमजोरी के बावजूद निफ्टी का ब्रॉडर पोजिशनल ट्रेंड अब भी बुलिश बना हुआ है. इंडेक्स लगातार उन अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो हाल के हफ्तों में मजबूत सपोर्ट देते रहे हैं. टेक्निकल तौर पर 26,373 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस और 26,100 का स्तर निकट अवधि का मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है.
रेंज-बाउंड रह सकता है मार्केट
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रुपक डे के अनुसार, नए लाइफटाइम हाई बनने के बाद कमजोरी के चलते निफ्टी फिसला है. निचले स्तरों पर इंडेक्स को 26,100 के आसपास इंट्राडे सपोर्ट मिला. निकट अवधि में बाजार रेंज-बाउंड रह सकता है. आगे चलकर अगर बुल्स निफ्टी को 26,300 के ऊपर ले जाने में सफल होते हैं, तो एक टिकाऊ तेजी देखने को मिल सकती है. नीचे की ओर 26,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट है.
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