80 गुना वॉल्यूम उछाल, 200 रुपये से नीचे भाव, मार्केट सेंटिमेंट में चमके ये दो शेयर, केडिया-कचोलिया का है रोल, जान लें हकीकत

शेयर बाजार में जब किसी स्टॉक में अचानक खरीद-फरोख्त तेज हो जाए, तो निवेशकों की नजर वहीं टिक जाती है. हाल के दिनों में दो मिडकैप शेयरों में ऐसा ही उछाल देखने को मिला है. लेकिन सवाल यह है कि यह हलचल मजबूत कमाई का संकेत है या सिर्फ बाजार की भावना का असर. निवेश से पहले पूरी तस्वीर समझना जरूरी है.

शेयर मार्केट Image Credit: Money9 Live

Share market Volume Shocker: शेयर बाजार में जब किसी स्टॉक में अचानक ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने लगता है, तो आम निवेशक का ध्यान अपने-आप उस पर चला जाता है. पिछले एक हफ्ते में दो मिडकैप कंपनियों के शेयरों में ऐसा ही कुछ देखने को मिला है, जहां खरीद-फरोख्त 16 गुना तक बढ़ गई. एक तरफ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ सवाल यह भी है कि क्या यह तेजी मजबूत कमाई और फंडामेंटल्स के दम पर है या सिर्फ सेंटिमेंट के भरोसे. इसी नजरिए से हम बात कर रहे हैं Precision Camshafts Limited और Aeroflex Industries Limited की, जिनके शेयरों में हाल के दिनों में जबरदस्त हलचल दिखी है. अगर आप भी इस मूवमेंट को देखकर दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो पहले इनकी वित्तीय हालत और असल तस्वीर जानना जरूरी है.

Precision Camshafts Share

करीब ₹1,307 करोड़ के मार्केट कैप वाली Precision Camshafts के शेयर फिलहाल लगभग ₹150 के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं. कंपनी ऑटो सेक्टर के लिए कैमशाफ्ट और इंजन कंपोनेंट बनाती है और इसके ग्राहक देश-विदेश के बड़े OEMs हैं. देखने में यह प्रोफाइल मजबूत लगती है, लेकिन आंकड़ों में तस्वीर कुछ अलग नजर आती है.

पिछले एक हफ्ते में इस शेयर के ट्रेडिंग वॉल्यूम में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. ट्रेडिंग डेटा के मुताबिक, एक हफ्ते की औसत खरीद-फरोख्त में करीब 8,200 फीसदी (करीब 80 गुना तक का उछाल) से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो शेयर में अचानक बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी को दिखाता है.

शेयर का प्रदर्शन और रिजल्ट पर नजर

लॉन्ग टर्म पर नजर डालें तो Precision Camshafts ने निवेशकों को निराश किया है. बीते एक साल में शेयर ने करीब 47 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है, जबकि इसी दौरान सेंसेक्स 7.7 फीसदी चढ़ा. 52 हफ्ते का हाई ₹325.4 रहा, यानी मौजूदा भाव उससे आधे से भी कम है.

Q2 FY26 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही है. इस तिमाही में नेट सेल्स ₹198 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर करीब 12 फीसदी की गिरावट है. यह कोई एक तिमाही की बात नहीं, बल्कि लगातार पांचवीं तिमाही है जब कंपनी की बिक्री सालाना आधार पर घटी है. ऑपरेटिंग मार्जिन भी दबाव में है.

  • Q2 FY26 में ऑपरेटिंग मार्जिन: 6.63%
  • Q2 FY25 में: 10.14%

कर्मचारियों पर खर्च कम नहीं हुआ, जबकि बिक्री घटी है. इससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट लगभग 42 फीसदी घटकर ₹13 करोड़ रह गया. हां, “अन्य आय” की वजह से मुनाफा कुछ संभला, लेकिन यह टिकाऊ कमाई नहीं मानी जाती. कुल प्रॉफिट का बड़ा हिस्सा नॉन-ऑपरेटिंग इनकम से आना निवेशकों के लिए चिंता की बात है.

विजय केडिया की एग्जिट ने बढ़ाई चिंता

एक और अहम संकेत यह है कि जाने-माने निवेशक विजय केडिया इस स्टॉक से पूरी तरह बाहर निकल गए. मार्च 2023 में उन्होंने 1.05 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी, लेकिन अब उनका नाम शेयरहोल्डिंग लिस्ट में नहीं दिखना बाजार को एक निगेटिव सिग्नल देता है.

Aeroflex Industries Share

अब बात दूसरी कंपनी की, जहां तस्वीर कहीं ज्यादा संतुलित और मजबूत दिखती है. Aeroflex Industries के शेयर हाल ही में एक दिन में करीब 16 फीसदी तक उछल गए और 193 रुपये के स्तर तक पहुंच गए. इसकी वजह रही कंपनी की अब तक की सबसे मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस.

Aeroflex Industries के शेयर में भी बीते एक हफ्ते के दौरान ट्रेडिंग एक्टिविटी में तेज उछाल देखने को मिला है. ट्रेडिंग डेटा के मुताबिक, 1-week average volume difference करीब 4,387 फीसदी (लगभग 45 गुना उछाल) दर्ज किया गया है. इसका साफ संकेत है कि शेयर में अचानक निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है और बाजार में इस स्टॉक को लेकर खरीद-फरोख्त तेज हुई है.

मजबूत EBITDA और बेहतर मार्जिन

Q3 FY26 में कंपनी की ऑपरेशनल इनकम ₹121 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 21 फीसदी की बढ़त है. मुनाफा भी बढ़कर ₹16.5 करोड़ हो गया. भले ही प्रॉफिट ग्रोथ 8 फीसदी की रही हो, लेकिन मार्जिन और EBITDA में सुधार ने बाजार का भरोसा बढ़ाया है.

Aeroflex का EBITDA Q3 FY26 में ₹28.6 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर करीब 28 फीसदी ज्यादा है. EBITDA मार्जिन बढ़कर 23.6 फीसदी पहुंच गया, जो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिहाज से मजबूत माना जाता है.

कंपनी का बिजनेस मॉडल भी संतुलित है. लगभग 73 फीसदी रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आता है और अमेरिका व यूरोप इसके बड़े बाजार हैं. इससे घरेलू मांग के उतार-चढ़ाव का असर सीमित रहता है.

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आशीष कचोलिया की मौजूदगी

Aeroflex में निवेशक आशीष कचोलिया की हिस्सेदारी भी बाजार को भरोसा देती है. उन्होंने धीरे-धीरे अपनी डायरेक्ट हिस्सेदारी बढ़ाकर 2 फीसदी से ज्यादा कर ली है. कुल मिलाकर उनकी हिस्सेदारी करीब 3.8 फीसदी है. साथ ही कंपनी ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट पर विचार के लिए बोर्ड मीटिंग भी बुलाई है, जिसे ग्रोथ प्लान से जोड़कर देखा जा रहा है.

कंपनी स्टेनलेस स्टील होज, असेंबली और हाई-प्रिसिजन कंपोनेंट्स की क्षमता तेजी से बढ़ा रही है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.