RIL का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ से ज्यादा घटा, 16 जनवरी बनेगा टर्निंग प्वाइंट? 2026 में दिख रहे बड़े ट्रिगर!
Jefferies ने Reliance पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,830 रुपये का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA करीब 13 प्रतिशत बढ़ेगा, जिसमें सबसे बड़ा योगदान Jio का रहेगा. Jefferies का अनुमान है कि Jio का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2027 में 22 प्रतिशत सालाना बढ़ेगा.
Reliance Industries Trigger Explianed: देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी Reliance Industries Ltd के लिए साल 2026 की शुरुआत कमजोर रही है. इस दिग्गज कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये घट चुका है. साल की शुरुआत से अब तक शेयर में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है. ऐसे में निवेशकों में अफरा-तफरी मची हुई है कि इसको लेकर क्या करें? अब निवेशकों की नजर 16 जनवरी पर जा टिकी हैं. इसकी वजह है कंपनी के तिमाही नतीजे. अब देखना होगा कि क्या ये तारीख निवेशकों के लिए टर्निंग प्वाइंट होती है या नहीं?
रिजल्ट में क्या है उम्मीद
- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे मिले-जुले रहने की संभावना है. ब्रोकरेज फर्म Jefferies के अनुमान के मुताबिक, कंपनी का ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस मुख्य ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर उभर सकता है, जबकि ऑयल एंड गैस सेगमेंट पर दबाव बना रह सकता है.
- मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस का O2C सेगमेंट Q3FY26 में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह रिफाइनिंग मार्जिन में तेज सुधार बताई जा रही है. मजबूत GRMs (Gross Refining Margins) के चलते O2C डिवीजन के मुनाफे में इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के ओवरऑल फाइनेंशियल्स को सपोर्ट मिलेगा. यह सेगमेंट लंबे समय से RIL के रेवेन्यू का अहम स्तंभ रहा है.
2025 की तेजी के बाद अचानक बदला माहौल
यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब 2025 में Reliance ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन करते हुए करीब 29 प्रतिशत की तेजी दिखाई थी. लेकिन 2026 की शुरुआत में ही तस्वीर बदल गई. रिफाइनिंग बिजनेस में रूसी क्रूड को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और संगठित रिटेल सेक्टर में कमजोर डिमांड के संकेतों ने निवेशकों की उम्मीदों को झटका दिया है.
Jefferies को Jio से बड़ी उम्मीद
Jefferies ने Reliance पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,830 रुपये का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA करीब 13 प्रतिशत बढ़ेगा, जिसमें सबसे बड़ा योगदान Jio का रहेगा. Jefferies का अनुमान है कि Jio का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2027 में 22 प्रतिशत सालाना बढ़ेगा, जिसकी वजह मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी और होम ब्रॉडबैंड में मजबूत ग्रोथ होगी. मार्जिन में करीब 280 बेसिस प्वाइंट का सुधार होने से Jio का EBITDA करीब 28 प्रतिशत बढ़ सकता है. साथ ही Jio का फ्री कैश फ्लो 65 प्रतिशत सालाना बढ़ने का अनुमान है.
2026 के बड़े ट्रिगर
Jefferies के मुताबिक 2026 में निवेशकों का फोकस कई अहम ट्रिगर्स पर रहेगा. इनमें Jio की संभावित लिस्टिंग, मोबाइल सेगमेंट में आगे टैरिफ बढ़ोतरी, और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस बिजनेस का विस्तार
शामिल हैं. ब्रोकरेज ने संकेत दिए हैं कि मिड 2026 तक टैरिफ हाइक और Jio की लिस्टिंग बड़े ट्रिगर साबित हो सकते हैं. इसके अलावा वित्त वर्ष 2027 में रिटेल बिजनेस में दो अंकों की ग्रोथ की वापसी, FMCG, न्यू एनर्जी और डेटा सेंटर बिजनेस में वैल्यू अनलॉकिंग भी अगले कुछ सालों में Reliance के लिए अहम फैक्टर रहेंगे.
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