SEBI ने निवेशकों को किया अलर्ट, कहा- नॉन-रजिस्टर्ड ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म से रहें सावधान
सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने बयान में निवेशकों से कहा कि वे लेनदेन से पहले ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स (OBPP) के रजिस्ट्रेशन स्टेटस की जांच कर लें और अपने हितों की रक्षा के लिए केवल सेबी-रजिस्टर्ड यूनिट के साथ ही लेनदेन करें.
सेबी ने बुधवार को निवेशकों से नॉन-रजिस्टर्ड ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म को लेकर सावधानी बरतने और लेनदेन से बचने का आग्रह किया. नियामक ने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स पर रेगुलेटरी निगरानी का अभाव है और निवेशकों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने बयान में निवेशकों से कहा कि वे लेनदेन से पहले ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स (OBPP) के रजिस्ट्रेशन स्टेटस की जांच कर लें और अपने हितों की रक्षा के लिए केवल सेबी-रजिस्टर्ड यूनिट के साथ ही लेनदेन करें.
नियामक फ्रेमवर्क का पालन जरूरी
इसके अलावा, सभी बाजार सहभागियों को OBPP के रूप में कोई भी सर्विस प्रदान करने से पहले लागू नियामक फ्रेमवर्क का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आगाह किया गया है. यह कदम तब उठाया गया जब सेबी ने पाया कि फिनटेक कंपनियों और शेयर ब्रोकर सहित कुछ संस्थाएं, शेयर बाजारों से अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्राप्त किए बिना ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर के रूप में सेवाएं प्रदान कर रही हैं.
नियमों का हो सकता है उल्लंघन
इसमें कहा गया, ‘ऐसे नॉन-रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म पर नियामक या पर्यवेक्षी निगरानी का अभाव है और ये निवेशक सुरक्षा या शिकायत निवारण के लिए कोई व्यवस्था प्रदान नहीं करते हैं.’ ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा की जाने वाली गतिविधियां कंपनी अधिनियम, 2013, सेबी अधिनियम, 1992 और उसके तहत बनाए गए रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन कर सकती हैं. सेबी ने इससे पहले 18 नवंबर 2024 को ऐसी कुछ संस्थाओं के विरुद्ध एक अंतरिम आदेश जारी किया था.
कॉरपोरेट बॉन्ड की अनलॉइन खरीदारी
वर्तमान में 18 ओबीपीपी हैं जो निवेशकों को कॉरपोरेट बॉन्ड ऑनलाइन खरीदने और बेचने की अनुमति देते हैं. उद्योग में विनियमन सुनिश्चित करने के लिए सेबी ने नवंबर 2022 में ऐसे प्लेटफॉर्म के लिए एक फ्रेमवर्क पेश किया था. बाजार नियामक ने सभी ओबीपीपी को स्टॉक एक्सचेंजों के डेट सेगमेंट में स्टॉकब्रोकर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया है.
OBPP ने भारतीय बॉन्ड बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि इससे बॉन्ड बाजार तक पहुंच आसान हो गई है. अर्न्स्ट एंड यंग की 2025 की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसने बॉन्ड बाजार को रिटेल निवेशकों के लिए खोल दिया है, जिससे बॉन्ड खरीदना इक्विटी ट्रेडिंग जितना ही आसान और पारदर्शी हो गया है.
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