SEBI चीफ का बड़ा बयान, F&O में नहीं बंद होगी वीकली एक्सपायरी

SEBI चीफ तुहिन कांत पांडेय ने साफ किया है कि F&O बाजार में फिलहाल कोई नई पाबंदी नहीं लगेगी और वीकली एक्सपायरी सिस्टम जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि F&O में कोई नया बदलाव नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने STT से संबंधित टैक्स मामले में कोई टिप्पणी नहीं की.

SEBI चीफ का बड़ा बयान Image Credit: Canva & Money9

डेरिवेटिव बाजार में संभावित सख्ती को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने साफ कर दिया है कि फिलहाल फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में किसी भी तरह के नए नियम या पाबंदियों पर विचार नहीं किया जा रहा है. सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि न तो F&O में कोई नया कर्ब लगाया जाएगा और न ही वीकली एक्सपायरी सिस्टम में कोई बदलाव होगा.

क्या बोले सेबी चीफ

मुंबई में एक कार्यक्रम के पत्रकारों से बातचीत में सेबी चीफ ने कहा कि इस समय हम किसी भी नए कदम पर विचार नहीं कर रहे हैं, जो रेगुलेटरी ढांचा अभी लागू है वही जारी रहेगा. F&O में न तो कोई नई पाबंदी लगेगी और न ही वीकली एक्सपायरी में बदलाव किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वीकली एक्सपायरी को बंद करने का कोई प्रस्ताव SEBI के सामने नहीं है. वहीं, उन्होंने STT से संबंधित टैक्स मामले में कोई टिप्पणी नहीं की.

सरकार ने बढ़ा दिया STT

बजट 2026-27 में सरकार ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग को लेकर सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के मकसद से सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इक्विटी फ्यूचर्स पर STT को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने का ऐलान किया है. वहीं, ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शन एक्सरसाइज पर STT को भी बढ़ाया गया है.

सरकार का कहना है कि भारत में ऑप्शंस और फ्यूचर्स ट्रेडिंग का कुल वॉल्यूम देश की GDP से कई गुना अधिक हो चुका है, जिससे रिटेल निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. इसी को देखते हुए टैक्स दरों में संशोधन किया गया है.

पांडेय ने यह भी कहा

SEBI चेयरमैन पांडेय ने यह भी कहा कि नियामक बाजार सहभागियों के साथ मिलकर बजट में घोषित प्रस्तावों को लागू करने पर चर्चा करेगा. खासकर कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट को गहरा और मजबूत बनाने को लेकर, उन्होंने दोहराया कि SEBI का फोकस “ऑप्टिमम रेगुलेशन” पर है, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और निवेशकों का भरोसा कायम रहे.