₹90 सस्ते स्टॉक में तूफानी तेजी! ग्रीन एनर्जी पर सरकार के फोकस का इस नवरत्न PSU को फायदा, पल भर में 6% उछले शेयर

90 रुपये से नीचे कारोबार करने वाले एक सरकारी शेयर में अचानक आई हलचल ने बाजार का ध्यान खींचा है. रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े नए कदम और रणनीतिक फैसलों के चलते निवेशकों में दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है, जिससे शेयर की चाल पर चर्चा तेज हो गई है.

SJVN Stock Image Credit: Money9 Live

SJVN Stock rally: 90 रुपये से नीचे कारोबार करने वाले एक सरकारी शेयर ने बाजार में हलचल मचा दी है. हाइड्रो और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज पीएसयू कंपनी SJVN Ltd के शेयर में एक ही दिन में करीब 6 फीसदी की तेज उछाल देखने को मिली. इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर इस नवरत्न पीएसयू पर खींच लिया है. सवाल यही है कि आखिर इस सस्ते पीएसयू स्टॉक में इतनी जोरदार तेजी की वजह क्या है.

एक दिन में करीब 6% की छलांग

सोमवार कारोबारी सत्र के दौरान SJVN का शेयर 5.97 फीसदी की बढ़त के साथ 88.80 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया. अगर अलग-अलग समयावधि में प्रदर्शन देखें तो तस्वीर मिली-जुली है. बीते एक हफ्ते में शेयर करीब 17.7 फीसदी चढ़ा है और एक महीने में इसमें लगभग 18.6 फीसदी की तेजी आई है. वहीं तीन महीने में शेयर करीब 5 फीसदी टूटा है और एक साल में इसमें 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है.

इसके बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर निराशाजनक नहीं रहा. तीन साल में इसने करीब 145 फीसदी और पांच साल में लगभग 246 फीसदी का रिटर्न दिया है, जो इसकी बुनियादी ताकत को दिखाता है.

तेजी की पहली वजह- बिहार में बड़ा प्रोजेक्ट

शेयर में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह बिहार सरकार के साथ हुआ बड़ा समझौता माना जा रहा है. 31 दिसंबर 2024 को SJVN ने बिहार के कैमूर जिले में दुर्गावती नदी पर 1,000 मेगावाट का पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए करार किया.

हाथीदह-दुर्गावती नाम के इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 56.6 अरब रुपये है. इसमें 250-250 मेगावाट की चार यूनिट होंगी. यह प्रोजेक्ट रोजाना पीक डिमांड के समय 63 लाख यूनिट और सालाना करीब 2,308 मिलियन यूनिट बिजली पैदा करने में सक्षम होगा. सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी नीति के लिहाज से यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

तेजी की दूसरी वजह- मैनेजमेंट में बदलाव

कंपनी ने 1 जनवरी 2025 से संजय कुमार को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया है. उन्हें फाइनेंस और अकाउंटिंग में 32 साल से ज्यादा का अनुभव है. निवेशक आमतौर पर ऐसे बदलावों को सकारात्मक संकेत मानते हैं, क्योंकि मजबूत और अनुभवी मैनेजमेंट से कंपनी की वित्तीय स्थिति और पारदर्शिता बेहतर होने की उम्मीद रहती है.

क्यों अहम है हाइड्रो और रिन्यूएबल सेक्टर

भारत में हाइड्रो पावर को साफ और टिकाऊ ऊर्जा का अहम जरिया माना जाता है. सरकार का फोकस लगातार ग्रीन एनर्जी पर बढ़ रहा है ताकि फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम की जा सके. SJVN इसी रणनीति का बड़ा हिस्सा है. कंपनी अब सिर्फ हाइड्रो तक सीमित नहीं है, बल्कि विंड और सोलर प्रोजेक्ट्स में भी तेजी से विस्तार कर रही है.

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कंपनी का प्रोफाइल

SJVN की कुल ऑपरेटिंग हाइड्रो क्षमता 1,912 मेगावाट है, जो इसके नाथपा झाकड़ी और रामपुर प्रोजेक्ट्स से आती है. इसके अलावा विंड और सोलर से भी कंपनी की मौजूदगी है. भारत के कई राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान में भी इसके प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.