US-Iran युद्ध से लेकर क्रूड ऑयल तक, इस हफ्ते शेयर मार्केट की चाल तय करेंगे ये 5 बड़े फैक्टर

आने वाले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर तय कर सकते हैं. मिडिल ईस्ट में बढ़ते US-Iran तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. इसके अलावा सोना-चांदी की कीमतों की चाल और घरेलू महंगाई के आंकड़े भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेंगे.

शेयर बाजार की दिशा कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर तय कर सकते हैं. Image Credit: Tv9

Weekly Market Triggers: शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे कई फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे. इसके अलावा महंगाई के आंकड़े और कमोडिटी बाजार की चाल भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है.

US-Iran तनाव

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक बाजारों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है. इस टकराव के कारण सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका है. अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका सीधा असर शेयर बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ सकता है.

क्रूड ऑयल की कीमतें

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई और चालू खाते के घाटे को बढ़ा सकता है, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है.

गोल्ड और सिल्वर की चाल

अनिश्चित माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोना और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जाती है. अगर वैश्विक तनाव जारी रहता है तो इन धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकता है.

FII और DII का रुख

हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं. दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को सहारा दे रहे हैं. आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

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महंगाई के आंकड़े

इस हफ्ते जारी होने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी. क्रूड ऑयल की कीमतों में हालिया उछाल के बाद महंगाई के स्तर को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है तो इससे बाजार पर दबाव बन सकता है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.