AI की जंग अब अंतरिक्ष में, Space में डेटा सेंटर क्यों बनाना चाहते हैं Elon Musk, इन दिग्गज से मिल रही टक्कर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में एलन मस्क एक नया और चौंकाने वाला कदम उठाने जा रहे हैं. SpaceX और xAI के संभावित मर्जर से अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाने की योजना को रफ्तार मिल सकती है. सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स के जरिए कंप्यूटिंग कराने का यह आइडिया भविष्य में गूगल, मेटा और OpenAI को कड़ी चुनौती दे सकता है.

Space AI Data Centre Image Credit: Canva/AI

Space AI Data Centre: अंतरिक्ष कभी जिज्ञासा का केंद्र हुआ करता था, लेकिन बदलते वक्त में यह अमीर देशों और शख्शियत का अखाड़ा बन गया. दुनिया में इस बात की होड़ है कि स्पेस को किसने कितना एक्सप्लोर किया है. इसी कड़ी में एक नई खबर निकलकर सामने आ रही है. दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क अब स्पेस में डेटा सेंटर बनाने की योजना बना रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एलन मस्क एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं. SpaceX और उनकी AI कंपनी xAI के संभावित मर्जर से अंतरिक्ष में AI डेटा सेंटर बनाने की योजना को नई रफ्तार मिल सकती है.

AI स्पेस डेटा सेंटर क्या हैं?

स्पेस आधारित AI डेटा सेंटर एक नई और उभरती हुई अवधारणा है. इसके तहत सैकड़ों सोलर-पावर्ड सैटेलाइट्स को पृथ्वी की कक्षा में जोड़कर एक नेटवर्क बनाया जाएगा, जो AI मॉडल्स जैसे Grok या ChatGPT के लिए कंप्यूटिंग का काम करेगा. अगर यह सफल होता है तो डेटा सेंटर के लागत में कमी आएगी. अंतरिक्ष में लगातार मिलने वाली सौर ऊर्जा और ठंडक से इनकी लागत जमीन पर बने डेटा सेंटरों की तुलना में कम हो सकती है.

एलन मस्क की योजना क्या है?

SpaceX पहले ही Starlink के जरिए हजारों सैटेलाइट्स लॉन्च कर चुका है. मस्क का मानना है कि अगर AI का भविष्य अंतरिक्ष में है, तो SpaceX इससे बेहतर कोई और कंपनी नहीं हो सकती. हाल ही में उन्होंने कहा कि अगले 2–3 साल में AI के लिए सबसे सस्ती जगह अंतरिक्ष ही होगी. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, SpaceX के संभावित IPO से मिलने वाला फंड भी इन AI सैटेलाइट डेटा सेंटरों में लगाया जा सकता है.

क्या हैं चुनौतियां और जोखिम?

हालांकि यह विचार आकर्षक है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी सफलता में अभी कई साल लग सकते हैं. अंतरिक्ष में मलबे का खतरा, कॉस्मिक रेडिएशन से हार्डवेयर की सुरक्षा, मरम्मत की सीमित सुविधा और लॉन्च की ऊंची लागत बड़ी चुनौतियां हैं. Deutsche Bank का अनुमान है कि 2027–28 तक छोटे स्तर पर परीक्षण शुरू हो सकते हैं.

दूसरी कंपनियां भी रेस में

इस रेस में एलन मस्क अकेले नहीं हैं. जेफ बेजोस की Blue Origin, Nvidia समर्थित Starcloud और Google जैसी कंपनियां भी अंतरिक्ष आधारित AI डेटा सेंटर पर काम कर रही हैं. Google का Project Suncatcher और चीन की Space Cloud योजना इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में AI की जंग सिर्फ धरती पर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में भी लड़ी जाएगी.