भारतीय सेना ने पाक की छीन ली आंख, भरोसेमंद AWACS फेल, राफेल-ड्रोन-मिसाइल का रास्ता साफ
भारत ने पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का करारा जवाब देते हुए उसका एक अत्याधुनिक AWACS (Airborne Warning and Control System) विमान मार गिराया. यह कार्रवाई पाकिस्तान की हवाई निगरानी क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाने वाली है और भारत की आक्रामक रणनीति की दिशा में बड़ा कदम है.
AWACS Aircraft: गुरुवार, 8 मई की रात को एक बार फिर पाकिस्तान ने दुस्साहस दिखाते हुए भारत के सीमावर्ती शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया. हालांकि भारतीय सेना ने इन हमलों का जवाब देते हुए न सिर्फ सभी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, बल्कि पाकिस्तान का एक एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान भी मार गिराया. यह विमान पाकिस्तान के लिए आसमान से जासूसी कर रहा था. इसे मार गिराने से पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है.सेना की इस कार्रवाई के बाद अब पाकिस्तान के लिए खुफिया जानकारी जुटाना लगभग नामुमकिन हो गया है. अब भारत के राफेल और ड्रोन पाकिस्तान में अपने लक्ष्यों को आसानी से निशाना बना सकते हैं.
उड़ता फिरता कंट्रोल कमांड सेंटर
एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) का उपयोग हवाई क्षेत्र से निगरानी के लिए किया जाता है. यह एक तरह का उड़ता हुआ रडार स्टेशन होता है जो बड़े विमानों पर लगाया जाता है. इसका कार्य दुश्मन देशों के जहाज, मिसाइल और ड्रोन का दूर से पता लगाना होता है और अपनी वायुसेना को इसकी जानकारी देना होता है, जिससे युद्ध के समय दुश्मन के हमलों से पहले चेतावनी दी जा सके और जवाबी कार्रवाई की जा सके. युद्ध के समय यह एक हवाई कमांड सेंटर की तरह काम करता है.
क्या काम करता है?
AWACS, जमीन पर लगे रडार की तुलना में दूर से दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों का पता लगा लेता है और सेना को अर्ली वॉर्निंग देता है. इसके अलावा, यह दुश्मन देशों की रेडियो फ्रीक्वेंसी, संचार और जामिंग सिग्नलों को भी ट्रैक कर लेता है. यह एक तरह का फोर्स मल्टिप्लायर की तरह काम करता है, क्योंकि आसमान में उड़ते हुए यह युद्ध क्षेत्र की पूरी तस्वीर कैप्चर कर लेता है.
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कैसे काम करता है?
AWACS विमान के ऊपर एक डिस्क जैसा रडोम या फेज्ड-अरे रडार सिस्टम लगा होता है जो 360 डिग्री में लगातार निगरानी करता रहता है. इसमें एक कमांड और कंट्रोल सिस्टम भी होता है, जिसे विमान के अंदर एक्सपर्ट द्वारा संचालित किया जाता है. वे लाइव डेटा देखकर अपनी सेना को तुरंत जानकारी भेजते हैं. इन सब खूबियों के अलावा AWACS विमान, फाइटर जेट्स, जमीन पर लगे रडार सिस्टम, मिसाइल सिस्टम और नौसैनिक जहाजों से सिक्योर लिंक के माध्यम से जुड़े रहते हैं और लगातार डेटा ट्रांसफर करते हैं.
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