फास्ट चार्जिंग या रेगुलर चार्जिंग? जानें किससे कम गर्म होगा आपका स्मार्टफोन, कौन है आपकी बैटरी के लिए बेस्ट
आज के समय में फास्ट चार्जिंग स्मार्टफोन यूजर्स की पहली पसंद बन चुकी है, लेकिन क्या यह आपकी बैटरी के लिए पूरी तरह सुरक्षित है? वहीं, कई लोग रातभर फोन को चार्ज पर छोड़ देते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि फास्ट और रेगुलर चार्जिंग में आपके मोबाइल के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है.
Fast Charging vs Regual Charging : आजकल ज्यादातर एंड्रॉयड स्मार्टफोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आते हैं, जिससे फोन कुछ ही मिनटों में फुल चार्ज हो जाता है. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या फास्ट चार्जिंग बैटरी को नुकसान पहुंचाती है? विशेषज्ञों के अनुसार, रोजमर्रा की जरूरतों के लिए फास्ट चार्जिंग सुविधाजनक है, लेकिन लंबे समय में बैटरी की सेहत के लिए रेगुलर चार्जिंग थोड़ी बेहतर मानी जाती है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आपके लिए इन दोनों विकल्पों में बेहतर कौन है?
बैटरी पर कम दबाव डालती है रेगुलर चार्जिंग
सामान्य 5 वॉट का चार्जर फोन को पूरी तरह चार्ज करने में करीब 3 घंटे का समय लेता है. इस दौरान बैटरी में कम गर्मी पैदा होती है, जिससे उस पर कम दबाव पड़ता है. विशेषज्ञों का मानना है कि कम तापमान पर चार्जिंग होने से बैटरी की क्षमता लंबे समय तक बेहतर बनी रह सकती है.
फास्ट चार्जिंग से बढ़ती है गर्मी
15 वॉट या उससे अधिक क्षमता वाले फास्ट चार्जर फोन को तेजी से चार्ज करते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में बैटरी का तापमान बढ़ जाता है. गर्मी लिथियम-आयन बैटरियों की सबसे बड़ी दुश्मन मानी जाती है क्योंकि ज्यादा तापमान बैटरी की क्षमता को धीरे-धीरे कम कर सकता है. हालांकि आधुनिक स्मार्टफोन इस गर्मी को नियंत्रित करने के लिए कई सुरक्षा तकनीकों से लैस होते हैं.
शोध में सामने आया मामूली अंतर
एक प्रयोग में छह एंड्रॉयड फोन को लगातार चार्ज और डिस्चार्ज किया गया. छह महीने तक चले इस परीक्षण में फास्ट चार्जिंग और रेगुलर चार्जिंग का असर देखा गया. नतीजों में पाया गया कि फास्ट चार्जिंग से बैटरी क्षमता में केवल 0.3 प्रतिशत अतिरिक्त गिरावट आई. यानी सामान्य उपयोग के दौरान यह अंतर बेहद मामूली माना जा सकता है.
सही तरीके से करें फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फास्ट चार्जिंग करते समय फोन को धूप, गेमिंग या ज्यादा गर्म जगहों से दूर रखें. साथ ही हमेशा भरोसेमंद और प्रमाणित चार्जर का ही उपयोग करें. बैटरी को 20% से 80% के बीच रखने की आदत भी उसकी उम्र बढ़ाने में मदद करती है. अगर रातभर चार्ज करना हो तो रेगुलर चार्जिंग बेहतर विकल्प हो सकती है, जबकि जल्दी में फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है.
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