जेट विमानों पर जंग! ट्रंप ने कनाडा के विमान कारोबार पर 50% टैरिफ लगाने की दी धमकी, क्यों है ये नाराजगी?

अमेरिका और कनाडा के बीच एक बार फिर व्यापारिक तनाव सुर्खियों में है. इस बार मामला विमान उद्योग से जुड़ा है, जहां एक फैसले ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा कर दी है. बयान सख्त हैं और असर बड़े उद्योग पर पड़ सकता है. आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर है.

Donald Trump Canada Aircraft Tariff: अमेरिका और कनाडा के बीच एविएशन कारोबार को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इस बार विवाद की वजह एयरक्राफ्ट सर्टिफिकेशन और संभावित भारी टैरिफ है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कनाडा ने अपना रुख नहीं बदला, तो उसके असर सीधे एविएशन इंडस्ट्री पर दिखेंगे.

कनाडा को दी सीधी चेतावनी

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि कनाडा ने अमेरिकी कंपनी Gulfstream के G500, G600, G700 और G800 जैसे अत्याधुनिक जेट विमानों को सर्टिफिकेशन देने से गलत तरीके से इनकार किया है. ट्रंप ने चेताया कि अगर कनाडा ने तुरंत फैसला नहीं बदला, तो अमेरिका कनाडा में बने Bombardier जेट विमानों को डी-सर्टिफाई करेगा और सभी कनाडाई विमानों पर 50% टैरिफ लगाया जाएगा. ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा जानबूझकर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को धीमा कर रहा है ताकि Gulfstream के विमान वहां उड़ान न भर सकें.

अमेरिका-कनाडा विमान उद्योग पर क्या असर पड़ेगा

अगर यह टैरिफ लागू होता है, तो इसका असर दोनों देशों के एविएशन कारोबार पर गहरा पड़ सकता है. Bombardier दुनिया की बड़ी प्राइवेट जेट कंपनियों में से एक है और उसका सबसे बड़ा बाजार अमेरिका है. 50% टैरिफ लगने से अमेरिकी ग्राहकों के लिए जेट विमानों की कीमत काफी बढ़ सकती है. एविएशन इंडस्ट्री की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट का कहना है कि आमतौर पर सर्टिफिकेशन से जुड़े विवाद पर्दे के पीछे सुलझाए जाते हैं, लेकिन इतनी बड़ी और सार्वजनिक टैरिफ धमकी बेहद दुर्लभ है. इससे सीमा के दोनों तरफ विमान कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. फिलहाल कनाडा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

कैसे बढ़ा अमेरिका-कनाडा तनाव

दोनों देशों के रिश्तों में पहले से ही खिंचाव है. कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका को कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए, खासकर तब जब यह खबरें आईं कि अल्बर्टा के अलगाववादी नेताओं ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की है. इससे पहले ट्रंप ने कनाडा को चीन के साथ व्यापार समझौते को लेकर भी चेतावनी दी थी और 100% टैरिफ की धमकी दी थी.

तनाव तब और बढ़ गया जब दावोस में World Economic Forum के मंच से कार्नी ने वैश्विक व्यवस्था में टूट की बात कही, जिसे ट्रंप की नीतियों से जोड़कर देखा गया. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा था कि “कनाडा अमेरिका की वजह से ही चलता है.” इस हफ्ते अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने Fox News पर दावा किया कि कार्नी ने ट्रंप से फोन पर बात कर अपने बयान से पीछे हटने की कोशिश की, हालांकि कार्नी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि फोन कॉल ट्रंप की तरफ से आया था.

अमेरिका ने कनाडा पर China के साथ व्यापार को लेकर भी सवाल उठाए हैं, लेकिन कार्नी ने साफ किया कि कनाडा चीन के साथ किसी फुल फ्री-ट्रेड डील पर काम नहीं कर रहा है और ऐसा कभी सोचा भी नहीं गया.