अमेरिका के टैरिफ का असर, जनवरी में भारत का टेक्सटाइल निर्यात गिरा, अब दिख रही सुधार की उम्मीद

जनवरी 2026 में भारत के टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात में गिरावट दर्ज की गई. कुल निर्यात 3275.44 मिलियन डॉलर रहा जो पिछले साल जनवरी में 3403.19 मिलियन डॉलर था. यानी करीब 3.75 प्रतिशत की कमी आई. टेक्सटाइल निर्यात में 3.68 प्रतिशत और अपैरल निर्यात में 3.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई.

Textile Stocks Image Credit: Canva/ Money9

Textile and apparel exports: भारत का टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन जनवरी 2026 में इस सेक्टर को झटका लगा है. अमेरिका की तरफ से लगाए गए ऊंचे टैरिफ के कारण भारत के कपड़ा निर्यात में गिरावट देखने को मिली. इससे भारतीय कंपनियों की Competition कम हुई और विदेशों में बिक्री प्रभावित हुई.

हालांकि अब हालात बदलने की उम्मीद है क्योंकि अमेरिका ने 7 फरवरी के बाद टैरिफ में राहत दी है. इससे आने वाले महीनों में निर्यात फिर से बढ़ सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक मांग और नीति समर्थन साथ रहा तो टेक्सटाइल सेक्टर में फिर से तेजी आ सकती है. ऐसे में निवेशकों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की नजर अब इस सेक्टर के अगले कदम पर बनी हुई है.

जनवरी में निर्यात में गिरावट

Confederation of Indian Textile Industry (CITI) के अनुसार जनवरी 2026 में भारत के टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात में गिरावट दर्ज की गई. कुल निर्यात 3275.44 मिलियन डॉलर रहा जो पिछले साल जनवरी में 3403.19 मिलियन डॉलर था. यानी करीब 3.75 प्रतिशत की कमी आई. टेक्सटाइल निर्यात में 3.68 प्रतिशत और अपैरल निर्यात में 3.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई.

किन सेक्टर में ज्यादा असर

गिरावट सबसे ज्यादा कपास से जुड़े प्रोडक्ट में देखने को मिली. कॉटन यार्न, फैब्रिक और हैंडलूम प्रोडक्ट का निर्यात 4.15 प्रतिशत घटकर 995.58 मिलियन डॉलर रह गया. कालीन का निर्यात 12 प्रतिशत से ज्यादा गिरा और जूट प्रोडक्ट में भी करीब 19 प्रतिशत की गिरावट आई. इसके अलावा हैंडीक्राफ्ट में भी हल्की कमी देखी गई.

कहां दिखी थोड़ी मजबूती

हालांकि सभी सेगमेंट कमजोर नहीं रहे. मैन मेड यार्न और फैब्रिक में थोड़ी बढ़त देखने को मिली. इस सेगमेंट का निर्यात करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 430.29 मिलियन डॉलर हो गया. इससे संकेत मिलता है कि कुछ क्षेत्रों में मांग बनी हुई है. अगर अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक के आंकड़े देखें तो टेक्सटाइल निर्यात में 2.35 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि अपैरल निर्यात में 1.59 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई. कुल मिलाकर टेक्सटाइल और अपैरल का संयुक्त निर्यात 0.65 प्रतिशत घटा है.

कुल निर्यात में हिस्सेदारी घटी

भारत के कुल निर्यात में इस सेक्टर की हिस्सेदारी भी कम हुई है. जनवरी 2026 में यह 8.96 प्रतिशत रही, जो पिछले साल 9.37 प्रतिशत थी. वहीं पूरे साल के दौरान भी हिस्सेदारी में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. दूसरी तरफ कच्चे कपास के आयात में तेजी आई है. जनवरी 2026 में यह 12.33 प्रतिशत बढ़ा और पूरे साल में इसमें 72 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई. इससे संकेत मिलता है कि देश में कच्चे माल की मांग बढ़ रही है.

पैरामीटरबदलाव
कुल टेक्सटाइल + अपैरल निर्यात-3.75%
टेक्सटाइल निर्यात-3.68%
अपैरल निर्यात-3.84%
कॉटन यार्न और फैब्रिक-4.15%
कालीन निर्यात-12.05%
जूट प्रोडक्ट-18.92%
हैंडीक्राफ्ट-2.70%
मैन मेड यार्न+1.01%
टेक्सटाइल ग्रोथ (अप्रैल-जनवरी)-2.35%
अपैरल ग्रोथ (अप्रैल-जनवरी)+1.59%
कुल निर्यात ग्रोथ (अप्रैल-जनवरी)-0.65%
कुल निर्यात में हिस्साघटा
हिस्सा (अप्रैल-जनवरी)घटा
कच्चा कपास आयात (जनवरी)+12.33%
कच्चा कपास आयात (अप्रैल-जनवरी)+72.36%

डेटा सोर्स: Confederation of Indian Textile Industry (CITI)

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