नया साल शुरू होते ही जॉब कट का झटका, कर्मचारियों पर AI और लागत कटौती की मार, Meta समेत कई कंपनियों में होगी छंटनी

साल 2026 की शुरुआत में ही बड़ी कंपनियों में छंटनी की खबरें सामने आने लगी हैं. जनवरी अभी खत्म नहीं हुआ है और Meta Citigroup और BlackRock जैसे दिग्गज कर्मचारियों की संख्या घटाने का ऐलान कर चुके हैं. Meta AI पर निवेश बढ़ाने के लिए Reality Labs में कटौती कर रही है.

बड़ी कंपनियों में छंटनी की खबरें सामने आने लगी हैं. Image Credit:

Layoffs 2026: साल 2026 की शुरुआत होते ही दुनिया की बड़ी कंपनियों में छंटनी की खबरें आने लगी हैं. जनवरी अभी खत्म भी नहीं हुआ है और कई ग्लोबल दिग्गज कर्मचारियों की संख्या घटाने का ऐलान कर चुके हैं. बीते साल 2025 में शुरू हुआ जॉब कट का दौर नए साल में भी जारी नजर आ रहा है. टेक और फाइनेंशियल सेक्टर की बड़ी कंपनियां लागत घटाने पर फोकस कर रही हैं. Meta Citigroup और BlackRock जैसी कंपनियां इसमें शामिल हैं. इन फैसलों का असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ने वाला है.

Meta में AI पर फोकस के चलते कटौती

Meta अपनी Reality Labs यूनिट में कर्मचारियों की संख्या कम करने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार कंपनी यहां करीब दस फीसदी वर्कफोर्स घटा सकती है. Meta अब वर्चुअल रियलिटी से ज्यादा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रोडक्ट पर निवेश बढ़ाना चाहती है. इसी वजह से कुछ प्रोजेक्ट बंद या सीमित किए जा रहे हैं. इससे पहले भी कंपनी ने बजट में कटौती के संकेत दिए थे. यह छंटनी आने वाले दिनों में हो सकती है.

Citigroup में एक हजार कर्मचारियों की छंटनी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी Citigroup भी कर्मचारियों की संख्या घटाने जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इस हफ्ते करीब एक हजार लोगों को बाहर कर सकती है. यह कदम लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है. Citigroup पहले ही ऐलान कर चुकी है कि वह 2026 के अंत तक बड़ी संख्या में नौकरियां कम करेगी. कंपनी अपने इंटरनेशनल रिटेल बिजनेस से भी बाहर निकल चुकी है.

BlackRock में सैकड़ों नौकरियां जाएंगी

दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी BlackRock ने भी छंटनी का फैसला लिया है. कंपनी ने कहा है कि वह सैकड़ों कर्मचारियों को बाहर करेगी. यह कुल वर्कफोर्स का करीब 1 फीसदी हो सकता है. BlackRock का कहना है कि वह अपने संसाधनों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ढाल रही है.

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जारी रह सकता है जॉब कट का ट्रेंड

जनवरी की शुरुआत में ही बड़ी कंपनियों में छंटनी से संकेत मिलते हैं कि 2026 भी आसान नहीं रहने वाला है. टेक्नोलॉजी और फाइनेंस सेक्टर में कंपनियां खर्च घटाने पर जोर दे रही हैं. AI और ऑटोमेशन की वजह से भी नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है. ऐसे में कर्मचारियों के लिए स्किल अपग्रेड करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है. आने वाले महीनों में और कंपनियों से ऐसे फैसले सामने आ सकते हैं.