राफेल डील में भारत की बड़ी शर्त, 50 फीसदी पार्ट्स देश में बनाने की मांग, मेक इन इंडिया को मिलेगा बड़ा बूस्ट

भारत ने 114 राफेल जेट के प्रस्तावित सौदे में 50 फीसदी लोकल कंटेंट की मांग रखी है. साथ ही इंजन प्रोडक्शन और ओवरहॉल भारत में करने पर जोर दिया गया है. हैमर मिसाइल बनाने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और सफरान के बीच समझौता हुआ है.

देश में बनेगा आधा फाइटर जेट सामान. Image Credit: Patrick Aventurier/Getty Images

Rafale Deal: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग एक नए चरण में पहुंच गया है. बेंगलुरु में हुई छठी भारत फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता के दौरान कई अहम समझौते हुए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रस्तावित 114 राफेल जेट सौदे में 50 फीसदी तक लोकल कंटेंट की मांग रखी. इसके साथ ही फाइटर जेट इंजन के प्रोडक्शन और ओवरहॉलिंग भारत में करने पर जोर दिया गया. दोनों देशों ने रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 साल के लिए अपडेट भी किया है. साथ ही कई नई प्रोजेक्ट और मैन्युफैक्चिरिंग यूनिट्स का उद्घाटन हुआ.

50 फीसदी लोकल कंटेंट की मांग

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस से कहा कि 114 राफेल जेट के प्रस्तावित सौदे में भारत में बने पार्ट्स की हिस्सेदारी 50 फीसदी तक होनी चाहिए. यह कदम मेक इन इंडिया अभियान को मजबूती देगा. भारत ने यह भी मांग रखी कि राफेल के इंजन का प्रोडक्शन और मेंटेनेंस भारत में ही हो. इससे देश में डिफेंस मैन्युफैक्चिरिंग कैपेसिटी और टेक्निकल डिपेंडेंसी बढेगी.डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने 114 राफेल जेट खरीद प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है. अब कैबिनेट मंजूरी के बाद समझौते पर हस्ताक्षर की तैयारी होगी.

देश में बनेगी हैमर मिसाइल

भारत और फ्रांस ने हैमर प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल के भारत में बनाने के लिए समझौता किया है. यह मैन्युफैक्चिरिंग भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी सफरान के जॉइंट वेंचर के जरिये होगा. दोनों देशों ने रक्षा सहयोग समझौते को 10 साल के लिए आगे बढ़ाया. साथ ही दोनों सेनाओं के अधिकारियों की आपसी तैनाती पर सहमति बनी. एक्सरसाइज शक्ति को अब 2 साल की जगह हर साल आयोजित किया जाएगा. इससे सैन्य सहयोग और मजबूत होगा.

H-125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन

कर्नाटक के वेमगल में H 125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया. यह प्रोजेक्ट टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस ने मिलकर स्थापित की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया. H 125 हेलीकॉप्टर को माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम बताया गया है. पहला मेड इन इंडिया हेलीकॉप्टर 2027 की शुरुआत में मिलने की उम्मीद है. यह प्रोजेक्ट 1000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करेगी.

ये भी पढ़ें – भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ाने वाला हेलिकॉप्टर, दुनिया भर में होगा एक्सपोर्ट

सबमरीन डील पर जोर

दोनों देशों के बीच स्कॉर्पीन कैटेगरी की अतिरिक्त पनडुब्बियां खरीदने पर भी विचार हो रहा है. भारत पहले ही छह कलवरी कैटेगरी की पनडुब्बियां शामिल कर चुका है. फ्रांस ने पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट इंजन और अन्य रक्षा प्लेटफॉर्म पर सहयोग बढ़ाने की बात कही है. राफेल से लेकर पनडुब्बी और हेलीकॉप्टर तक दोनों देश डिफेंस प्रोडक्शन में साझेदारी गहरी कर रहे हैं.