NSE IPO पर बिग अपडेट, 4% से ज्यादा हिस्सेदारी बेचने को तैयार शेयरहोल्डर्स, ₹23,000 करोड़ का हो सकता है इश्यू

NSE अब अपने IPO के लिए ऑफर डॉक्यूमेंट को अंतिम रूप देने में जुटा है. अनुमान है कि यह इश्यू करीब 23,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो इसे देश के बड़े IPO में शामिल कर सकता है. इस OFS में पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर दोनों तरह के निवेशकों ने हिस्सा लेने पर सहमति दी है.

एनएसई आईपीओ Image Credit: Canva

NSE IPO : देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange (NSE) के मोस्ट अवेटेड IPO को सोमवार को बड़ा बूस्ट मिला. एक्सचेंज के मौजूदा शेयरहोल्डर्स ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने पर सहमति दे दी है, जिससे IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है. सोमवार NSE के शेयरहोल्डर्स के लिए आखिरी दिन था, जब उन्हें IPO के तहत अपनी हिस्सेदारी बेचने पर फैसला लेना था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुल ऑफर साइज NSE की कुल इक्विटी का 4 फीसदी से ज्यादा पहुंच गया है, जो इस इश्यू के लिए जरूरी सीमा मानी जाती है.

PSU और प्राइवेट निवेशकों की भागीदारी

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस OFS में पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर दोनों तरह के निवेशकों ने हिस्सा लेने पर सहमति दी है. इससे साफ है कि निवेशकों के बीच इस IPO को लेकर अच्छा खासा उत्साह है.

23,000 करोड़ रुपये का हो सकता है IPO

NSE अब अपने IPO के लिए ऑफर डॉक्यूमेंट को अंतिम रूप देने में जुटा है. अनुमान है कि यह इश्यू करीब 23,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो इसे देश के बड़े IPO में शामिल कर सकता है.

LIC और SBI जैसे बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी

शेयरहोल्डिंग की बात करें तो Life Insurance Corporation of India (LIC) और State Bank of India (SBI) और इसकी सहयोगी कंपनियां NSE के बड़े निवेशकों में शामिल हैं. दोनों की मिलाकर हिस्सेदारी 18 फीसदी से ज्यादा है.

2 लाख से ज्यादा शेयरहोल्डर्स का भरोसा

31 मार्च तक NSE के पास 2 लाख से ज्यादा शेयरहोल्डर्स थे, जिनके पास कुल मिलाकर 247.5 करोड़ शेयर हैं. कुल मिलाकर, शेयरहोल्डर्स की सहमति मिलने के बाद NSE का IPO अब तेजी से आगे बढ़ सकता है, जिस पर बाजार की नजर बनी हुई है.

NSE IPO का लंबा इंतजार अब खत्म होने के करीब

National Stock Exchange (NSE) के IPO का निवेशक काफी समय से इंतजार कर रहे हैं और अब इसकी लिस्टिंग का रास्ता धीरे-धीरे साफ होता दिख रहा है. इस IPO के लिए NSE ने पहली बार 18 अक्टूबर 2016 को Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास आवेदन दिया था. हालांकि, शुरुआती दौर में रेगुलेटर ने इसे मंजूरी नहीं दी थी. मंजूरी में देरी की वजह कुछ गंभीर चिंताएं थीं, जिनमें को-लोकेशन से जुड़ा विवाद, एक्सचेंज में गवर्नेंस से जुड़ी खामियां और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में कमियां शामिल थीं. इन मुद्दों के चलते IPO की प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही. अब इन बाधाओं के धीरे-धीरे दूर होने के बाद NSE के IPO को लेकर उम्मीदें फिर से तेज हो गई हैं.

इसे भी पढ़ें- इन 3 शेयरों से Government of Singapore ने पूरी हिस्सेदारी बेची, पोर्टफोलियो में हुआ बड़ा बदलाव, रखें नजर

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.