इन डिफेंस म्यूचुअल फंड्स ने रिटर्न में मारी बाजी, 3 महीने में 39% तक दिया मुनाफा, क्या जारी रहेगी रैली
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत सरकार लगातार सैन्य शक्ति को मजबूत करने में लगी हुई है. इसके लिए रक्षा बजट बढ़ाने के अलावा डिफेंस से जुड़ी कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसका फायदा न सिर्फ डिफेंस स्टॉक्स बल्कि इस सेक्टर से जुड़े म्यूचुअल फंड्स में भी देखने को मिल रहा है.
भारत सरकार के डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने के आत्मनिर्भर मिशन के बाद से डिफेंस स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स को बूस्ट मिला है. यही वजह है कि डिफेंस सेक्अर से जुड़े चुनिंदा म्यूचुअल फंड्स ने पिछले तीन महीनों में धमाकेदार रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है. कुछ फंड्स ने तो 39% तक का शानदार रिटर्न दिया है. इस कैटेगरी में छह फंड्स एक्टिव और पैसिव हैं. तो कौन-से हैं वो फंड्स जिन्होंने रिटर्न में मारी है बाजी और क्या आगे भी इनमें रैली जारी रहेगी, जानें पूरी डिटेल.
तीन महीने में डिफेंस म्यूचुअल फंड्स का प्रदर्शन
- मोतीलाल ओसवाल निफ्टी इंडिया डिफेंस ETF: 39.53%
- ग्रो निफ्टी इंडिया डिफेंस ETF: 39.73%
- आदित्य बिड़ला SL निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स फंड: 39.71%
- ग्रो निफ्टी इंडिया डिफेंस ETF FOF: 40.10%
- HDFC डिफेंस फंड: 30.61%
Source: Value Research
क्यों आई डिफेंस म्यूचुअल फंड्स में तेजी?
जानकारों का मानना है कि रक्षा क्षेत्र की कंपनियों ने मजबूत आय दिखाई है. भारत सरकार ने FY25 के लिए रक्षा बजट में 1.72 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय रखा है, जो नए ऑर्डर्स को सपोर्ट करता है. इसके अलावा, FY24 में रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जो पिछले साल से 12% ज्यादा है. इसके अलावा हालिया भारत-पाकिस्तान तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा क्षमताओं पर बढ़ते फोकस ने भी इस सेक्टर को रफ्तार दी है. इन सभी कारणों के चलते बीते 3 महीनों में डिफेंस सेक्टर से जुड़े म्यूचुअल फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया है.
छह महीने में कैसा रहा प्रदर्शन?
पिछले छह महीनों में डिफेंस आधारित पैसिव फंड्स ने 34% रिटर्न दिया है. वैल्यू रिसर्च के मुताबिक मोतीलाल ओसवाल निफ्टी इंडिया डिफेंस ETF 34.49% रिटर्न के साथ पहले पायदान पर रहा, जबकि ग्रो निफ्टी इंडिया डिफेंस ETF FOF ने 34.45% रिटर्न दिया है. वहीं HDFC डिफेंस फंड ने इस अवधि में 18.02% रिटर्न दिया है.
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निवेशक क्या अपनाएं रणनीति?
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सेक्टर में रिटर्न शानदार हैं, लेकिन सेक्टोरल फंड्स में निवेश से बचना चाहिए. चूंकि इन फंड्स ने जो रिटर्न दिया है वो भविष्य की वृद्धि पहले ही कीमतों में शामिल हो चुकी है. इसके अलावा इंडेक्स में 77.5% मिड और स्मॉल कैप कंपनियों का वेटेज है, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान जोखिम बढ़ाता है. शार्प रेशियो भी जोखिम के मुकाबले कम रिटर्न की ओर इशारा करता है. भारत का डिफेंस सेक्टर लंबी अवधि में मजबूत बना रहेगा, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन जोखिम और लाभ का सही रेशियो नहीं देता.
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