नए साल में PPF, सुकन्या समृद्धि, NSC के नहीं बदले रेट, अब इस सरकारी स्कीम में 8% से ज्यादा ब्याज पाने का मौका
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में भले ही कोई बदलाव नहीं किया गया हो, लेकिन आरबीआई के फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स में इससे भी ज्यादा ब्याज दर पाने का मौका है. चूंकि ये सरकार की ओर से जारी होता है इसलिए इसमें सुरक्षा की गारंटी है. तो क्या है बॉन्ड की खासियत जानिए पूरी डिटेल.
RBI Floating Rate Bonds: सरकार ने मार्च तिमाही के लिए किसी भी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. इसमें टैक्स बचाने वाली पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से लेकर सुकन्या समृद्धि योजना समेत कई पॉपुलर योजनाएं शामिल हैं. यह लगातार आठवीं तिमाही है जब इन छोटी सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों को जस का तस रखा गया है. सबसे ज्यादा ब्याज सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना पर मिल रहा है, जो कि 8.2% है. जबकि पब्लिक प्रोविडेंड फंड पर 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है. लेकिन आपको एक और सरकारी स्कीम में इससे भी ज्यादा ब्याज पाने का मौका मिल सकता है, तो कौन-सी है वो स्कीम आइए जानते है.
RBI Floating Rate Bonds
RBI Floating Rate Bonds निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्पों में से एक है. इन बॉन्ड्स पर मिलने वाली ब्याज दर 8.05% तक है, जो कई FDs और दूसरे सुरक्षित विकल्पों से बेहतर रिटर्न देती है. ये बॉन्ड भारतीय सरकार जारी करती है, इसलिए इनमें पूरी गारंटी सरकार की होती है, जिससे डिफॉल्ट का जोखिम लगभग जीरो हो जाता है. इनमें कोई निवेश सीमा नहीं है, यानी निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी राशि का निवेश कर सकते हैं. जबकि स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश सीमा रहती है.
RBI बॉन्ड में निवेश के फायदे
- जानकारों के मुताबिक RBI Floating Rate Bond सीधे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से जारी होते है. इसमें डिफॉल्ट का कोई जोखिम नहीं होता है, जिससे यह कॉर्पोरेट बॉन्ड्स या बैंक FDs से भी सुरक्षित माना जाता है.
- ज्यादातर बैंक की लंबी अवधि वाली FDs पर मिलने वाली ब्याज दरें लगभग 6–7% के आसपास हैं, लेकिन ये दरें निवेश के समय लॉक हो जाती हैं. वहीं, Floating Rate Bonds में ब्याज दर समय के साथ बदलती रहती है, जिससे अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो रिटर्न भी बढ़ता है.
- छोटी बचत योजनाओं जैसे- SCSS और SSY पर मिल रही ब्याज दर भले 8.2% है, लेकिन इन योजनाओं में निवेश की सीमा होती है. SCSS में अधिकतम ₹30 लाख और SSY में प्रति वित्तीय वर्ष ₹1.5 लाख की लिमिट है, जबकि RBI के फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में कोई अधिकतम निवेश लिमिट नहीं है.
- आरबीआई के बॉन्ड में आप महज ₹1,000 से निवेश शुरू कर सकते हैं और जरूरत के मुताबिक बिना लिमिट के इसे बढ़ा सकते हैं.
- ये बॉन्ड हर छह महीने में एक स्थिर ब्याज भुगतान देते हैं और मूलधन को सुरक्षित रखते हैं, इसलिए यह सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक है.
किस तरह तय होती है बॉन्ड की ब्याज दर?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक आरबीआई बॉन्ड के कूपन दर को नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) की ब्याज दर और 0.35% के फिक्स्ड स्प्रेड से जोड़ा गया है, यह हर छह महीने (1 जनवरी और 1 जुलाई) पर रीसेट होता है. जुलाई–दिसंबर 2025 की अवधि के लिए यह दर 8.05% रही, और 1 जनवरी से 30 जून की अवधि के लिए भी यह दर 8.05% ही जारी रहेगी. यह दर समय-समय पर रीसेट होती है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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