शेयर मार्केट में मचा हाहाकार, एक सप्ताह में 16 लाख करोड़ रुपये स्वाहा; मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर सबसे ज्यादा टूटे
भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए बीता सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव भरा रहा. लगातार बिकवाली के दबाव के कारण बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप एक ही सप्ताह में करीब 16 लाख करोड़ रुपये घट गया. कमजोर वैश्विक संकेतों और सेक्टर आधारित सेलिंग ने मार्केट सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया.
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह निवेशकों के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहा. लगातार बिकवाली के दबाव के बीच बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप इस सप्ताह करीब 16 लाख करोड़ रुपये और घट गया. कमजोर वैश्विक संकेतों, घरेलू स्तर पर सेक्टर आधारित बिकवाली और चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने निवेशकों की सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया. इसका असर यह रहा कि बेंचमार्क इंडेक्स पूरे सप्ताह दबाव में रहे और चार महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई.
बेंचमार्क इंडेक्स कमजोर बंद
सप्ताह के अंत में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही कमजोर स्तरों पर बंद हुए. पूरे सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2.50 फीसदी, निफ्टी 2.46 फीसदी और निफ्टी बैंक इंडेक्स में 1.83 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप सप्ताह भर में 16.23 लाख करोड़ रुपये घट गया.
ब्रॉडर मार्केट्स में ज्यादा दबाव
बड़े शेयरों के मुकाबले midcap और smallcap शेयरों में बिकवाली ज्यादा देखने को मिली. midcap index ने इस सप्ताह 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की, जो पिछले चार महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है.
रियल्टी सेक्टर सबसे कमजोर
सेक्टोरल आधार पर निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा. इस इंडेक्स में पूरे सप्ताह करीब 11 फीसदी की गिरावट आई. रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली ने पूरे बाजार की कमजोरी को और गहरा कर दिया. इसके अलावा, लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स सप्ताह के अंत में लाल निशान में बंद हुए.
शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
शुक्रवार 23 जनवरी को बाजार दिन के निचले स्तरों के आसपास बंद हुआ. सेंसेक्स 769 अंकों की गिरावट के साथ 81,537 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 241 अंक टूटकर 25,048 पर आ गया.
इन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
निफ्टी इंडेक्स पर इस सप्ताह 40 से अधिक शेयर लाल निशान में बंद हुए. टॉप लूजर में अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी पावर, इंटरग्लोब एविएशन और पेटीएम शामिल रहे. पेटीएम के शेयरों में 9.65 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
कुछ शेयरों में दिखी मजबूती
कमजोर बाजार के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी भी देखने को मिली. हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में चार फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं. वहीं, बंधन बैंक मजबूत तीसरी तिमाही के नतीजों के दम पर करीब पांच फीसदी चढ़ा और midcap सेगमेंट का टॉप गेनर बना.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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