Paras Defence ने हवाई रिफ्यूलिंग टेक्नोलॉजी के लिए US की एक कंपनी के साथ की डील, फोकस में रहेंगे शेयर
इस समझौते का मुख्य जोर नॉर्थस्टार के एडवांस्ड प्रोडक्ट्स की सप्लाई और सपोर्ट पर है, जिसमें हवा से हवा में ईंधन भरने वाले सिस्टम और उनसे जुड़े सामान शामिल हैं. गुरुवार को पारस डिफेंस के शेयर 2 फीसदी से अधिक की तेजी के साथ 775.00 रुपये पर बंद हुए.
जानी-मानी भारतीय डिफेंस और स्पेस इंजीनियरिंग कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसने अमेरिका की एक कंपनी के साथ पार्टनरशिप की है. इस पार्टनरशिप से वह भारतीय सेना के लिए हवा में ही ईंधन भरने (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग) की आजमाई हुई टेक्नोलॉजी और सपोर्ट सर्विस ला पाएगी. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस डील से भारतीय सेना को इससे जुड़ी दूसरी सर्विस भी मिलेंगी.
भारतीय कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मुंबई की कंपनी ‘पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज’ ने अमेरिका की कंपनी ‘बंडक एविएशन इंक. DBA नॉर्थस्टार’ के साथ एक समझौता किया है.
समझौते का मुख्य फोकस
इस समझौते का मुख्य जोर नॉर्थस्टार के एडवांस्ड प्रोडक्ट्स की सप्लाई और सपोर्ट पर है, जिसमें हवा से हवा में ईंधन भरने वाले सिस्टम और उनसे जुड़े सामान शामिल हैं. इसके अलावा, इससे भारतीय सेना को संबंधित सेवाएं भी मिलेंगी.
बयान में कहा गया है कि नॉर्थस्टार को हवाई (एयर-टू-एयर) रिफ्यूलिंग सिस्टम के डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, अपग्रेडेशन और सप्लाई में अपनी विशेषज्ञता के लिए दुनिया भर में पहचान मिली है.
अहम कदम
पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज के डायरेक्टर अमित महाजन ने कहा, ‘यह समझौता एडवांस्ड एयरोस्पेस सॉल्यूशंस में हमारी क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है. नॉर्थस्टार के साथ पार्टनरशिप से हम भारतीय सेना के लिए भरोसेमंद एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टेक्नोलॉजी और सपोर्ट सर्विस ला पाएंगे. हम शायद ऐसा करने वाली पहली कंपनी होंगे.’
नॉर्थस्टार के एक प्रतिनिधि के हवाले से बयान में कहा गया है कि यह साझेदारी ‘एडवांस्ड और भरोसेमंद समाधानों के साथ महत्वपूर्ण रक्षा जरूरतों को पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता’ को दर्शाती है.
कंपनी का टारगेट
कंपनी ने कहा कि इस सहयोग के जरिए, पारस का लक्ष्य एयरोस्पेस और डिफेंस सिस्टम के क्षेत्र में अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करना है, साथ ही भारत के रक्षा बलों के आधुनिकीकरण और उनकी क्षमताओं को बढ़ाने में भी मदद करना है.
ग्लोबल आउटलुक
बयान में कहा गया है कि ग्लोबल आउटलुक बनाए रखते हुए, पारस डिफेंस रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने पर पूरी तरह से केंद्रित है. इसे कंपनी के भीतर ही मौजूद मजबूत अनुसंधान और विकास, एकीकृत इंजीनियरिंग क्षमताओं और टर्नकी सिस्टम डिलीवरी से बल मिलता है.
शेयर पर फोकस
गुरुवार को पारस डिफेंस के शेयर 2 फीसदी से अधिक की तेजी के साथ 775.00 रुपये पर बंद हुए. इस डील के बाद कंपनी के शेयर शुक्रवार को फोकस में रह सकते हैं.
Latest Stories
नितिन कामथ का बड़ा खुलासा, Zerodha ने 9 साल में छोड़ी ₹25620 करोड़ की कमाई; ग्राहकों के लिए लिया बड़ा फैसला!
Wipro 15,000 करोड़ के शेयर करेगी बायबैक, 250 रुपये प्रति स्टॉक तय किया भाव; शेयरहोल्डर्स के लिए बड़ा मौका?
फिर दौड़ेगा Asian Paints का शेयर, आएगी इतने फीसदी की तेजी; Elara Capital ने दिया टारगेट प्राइस
