फर्जी वेबसाइट्स से PM इंटर्नशिप के नाम पर ठगी, 66000 की चाहत में गंवा न दें हजारों, ऐसे रहें सेफ
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के नाम पर साइबर ठग लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं. फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों को गुमराह कर 5,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड के लालच में फंसाया जा रहा है. ठग रजिस्ट्रेशन फीस या फर्जी सर्टिफिकेट के बहाने पैसे ऐंठ रहे हैं. इस स्कीम में कोई फीस नहीं होती.
PM Internship Scheme: PM Internship Scheme (प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, PMIS) एक सरकारी स्कीम है, जिसे Ministry of Corporate Affairs ने शुरू किया है और इसमें 5,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड और एक बार 6,000 रुपये का ग्रांट मिलता है. अब साइबर चोर इस स्कीम के नाम पर ठगी कर रहे हैं. कुछ सप्ताह पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस स्कीम से संबंधित पोस्ट वायरल हो रहा था. इस पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत हर माह पांच हजार रुपये मिलेंगे, जो सही है. इस पोस्ट में यह भी दावा किया जाता था कि नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके यहां अप्लाई कर सकते हैं. जालसाजी का गोरखधंधा यहीं से शुरू होता है.
कैसे होती है ठगी?
- नकली वेबसाइट/ब्लॉग्स का प्रचार – कुछ निजी वेबसाइट जैसे pminternshipscheme.com खुद को आधिकारिक स्कीम बताती हैं, लेकिन ये government से जुड़ी नहीं होती हैं. पहली बार देखने पर यह असली लगती तो है, लेकिन इसके इस्तेमाल के बाद अभ्यर्थियों की जेब खाली हो जाते हैं.
- संदेश भेज कर ग्रुप में शामिल करना – WhatsApp/Telegram ग्रुप बनाए जाते हैं, जिनमें Congratulations, Limited slots जैसी झूठी जानकारी भेजकर लोगों को शामिल किया जाता है. लिमिटेड ऑफर वाले मैसेज देखकर लोग उसका लाभ लेना चाहते हैं. इसी का फायदा उठाकर जालसाज अपने मंसूबे में कामयाब हो जाता है.
- फीस चार्ज करना- ग्रुप में जोड़ने के बाद रजिस्ट्रेशन फीस या ट्रेनिंग चार्ज मांगा जाता है. इससे समझ लें कि यह सबसे बड़ा रेड फ्लैग है. वास्तव में लीगल सरकारी इंटर्नशिप स्कीम में कोई ऐसी फीस नहीं ली जाती है.
- फर्जी सर्टिफिकेट का वादा – कुछ साइबर चोर आपको सर्टिफिकेट देने या ट्रेनिंग की पेशकश करते हैं, लेकिन कोई वास्तविक कार्य, मेंटरिंग या कंपनी अनुभव नहीं होता. फेक कंपनियां और एजेंट गलत सेटअप बनाकर सिर्फ पैसा वसूलती हैं. सर्टिफिकेट के नाम पर लोगों को ठगा जाता है.
इसके इतर कभी-कभी इस तरह के पोस्ट डालने के पीछे आर्थिक क्षति पहुंचाना नहीं होता है, बल्कि अपने किसी कंटेंट में व्यूअरशिप और रिडरशिप बढ़ाना होता है. जैसे नीचे दी गई तस्वीर में कुछ ऐसा ही है. जब आप बायो में दिए गए लिंक पर क्लिक करेंगे तो आप एक ऐसे वेबसाइट पर जाएंगे जहां पहले से बहुत से कंटेंट मौजूद हैं. जैसे जानिये चुटकियो में Education Loan Kaise Milega? एजुकेशन लोन के लिए मुख्य दस्तावेज, और सब्सिडी के साथ योजनाये. यह भी एक तरह से लोगों को मूर्ख बनाना ही है.


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ठगी से बचने के 5 महत्वपूर्ण उपाय
- केवल आधिकारिक चैनल से आवेदन करें.
- किसी भी तरह की फीस देने से पहले सोचें. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए अप्लाई करने के लिए कोई भी फीस नहीं ली जाती है.
- भरोसेमंद माध्यमों या कॉलेज प्लेसमेंट सेल से कन्फर्म करें.
- आवेदन देने वाले के पास उस संस्था का आधिकारिक ईमेल, ऑफिसियल फोन नंबर, पता, और कंपनी के रजिस्ट्रेशन होने चाहिए. यदि यह जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो वह स्कैम हो सकता है. इसलिए इससे बचें.
- आधिकारिक ऐलान या मीडिया रिपोर्ट से पुष्टि करें, तो ही आगे फार्म भरें.
दो तरह से करें शिकायत
अगर आप ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध के शिकार हुए हैं, तो नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए दो मुख्य तरीकों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं. आप हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सीधे कॉल करके साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कर सकते हैं. आप cybercrime.gov.in पर जाकर भी ठगी को रिपोर्ट कर सकते हैं.
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