अब और भी आसान होगा ऑनलाइन पेमेंट, NPCI लॉन्च करेगी Netbanking 2.0; ये चार बैंक देंगे सर्विस !
NPCI की सहायक कंपनी NBBL अक्टूबर 2025 में Netbanking 2.0 प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी. इसमें HDFC Bank, Axis Bank, SBI और AU Small Finance Bank के साथ सात से अधिक पेमेंट एग्रीगेटर जुड़ेंगे. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा इसे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में लॉन्च करेंगे. इस प्लेटफॉर्म से नेटबैंकिंग पेमेंट आसान होगा.
Netbanking 2.0: भारत में डिजिटल पेमेंट्स को और आसान बनाने के लिए NPCI की सहायक कंपनी NBBL जल्द ही नया नेटबैंकिंग सिस्टम लेकर आ रही है. अक्टूबर 2025 में इस प्लेटफॉर्म पर कम से कम चार बड़े बैंक जुड़ सकते हैं. इनमें HDFC Bank, Axis Bank, State Bank of India और AU Small Finance Bank शामिल होंगे. इसके साथ ही सात से अधिक ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर भी इस सिस्टम का हिस्सा बनेंगे. बिजनेस स्टैण्डर्ड की रिपोर्ट के अनुसार ये सर्विस अगले महीने लांच हो सकती है. हालांकि अभी तक किसी भी बैंक ने नई सर्विस को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
RBI गवर्नर करेंगे लॉन्च
रिपोर्ट के अनुसार यह नया नेटबैंकिंग प्लेटफॉर्म Netbanking 2.0 नाम से लॉन्च होगा. इसकी शुरुआत 7 अक्टूबर को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा कर सकते हैं . इसका मकसद व्यापारियों और ग्राहकों को ऑनलाइन एक सरल और स्टैंडराइज नेटबैंकिंग अनुभव देना है.
कस्टमर को क्या होगा फायदा
- सिंपल और तेज भुगतान अनुभव
- यूजर अब कई बैंकों और एग्रीगेटरों के बीच अलग-अलग लिंक की जरूरत नहीं होगी. सभी बैंक एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़े होंगे जिससे नेटबैंकिंग से पेमेंट करना आसान और तेज़ होगा.
- इंटरऑपरेबल नेटबैंकिंग
- यूजर किसी भी बैंक अकाउंट से किसी भी ऑनलाइन व्यापारी को सीधे भुगतान कर पाएंगे. इससे पेमेंट विकल्प बढ़ेंगे और सभी बैंक अकाउंट्स का उपयोग संभव होगा.
- कम गलती और सेफ्टी
- इंटीग्रेटेग सिस्टम से चार्जबैक, रीकन्सिलिएशन और सेटलमेंट की समस्याएं कम होंगी. पेमेंट अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद होगा.
- व्यापारियों तक आसान पहुंच
- ई-कॉमर्स, ट्रैवल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नेटबैंकिंग विकल्प आसानी से उपलब्ध होगा. यूजर को अधिक विकल्प और सुविधा मिलेगी.
बैंकों से सीधे जुड़ाव की सुविधा
अब तक ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर को हर बैंक से अलग-अलग साझेदारी करनी पड़ती थी. इस वजह से कई बार ग्राहकों को दिक्कत होती थी. लेकिन नए सिस्टम में सभी बैंक और एग्रीगेटर एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ जाएंगे जिससे नेटबैंकिंग पेमेंट आसान हो जाएगा.
पेमेंट एग्रीगेटरों को राहत
भारत में 50 से अधिक लाइसेंस प्राप्त पेमेंट एग्रीगेटर हैं. वर्तमान व्यवस्था में हर एग्रीगेटर को अलग-अलग बैंक से समझौता करना पड़ता था. लेकिन नए सिस्टम से उन्हें इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस मिलेगा और व्यापारियों के लिए पेमेंट स्वीकार करना आसान हो जाएगा.
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व्यापारियों को होगा फायदा
नए प्लेटफॉर्म से ई-कॉमर्स वेबसाइट, ट्रैवल बुकिंग साइट और डिजिटल फैशन पोर्टल जैसे व्यापारी आसानी से नेटबैंकिंग को पेमेंट विकल्प के रूप में अपना सकेंगे. इससे ग्राहकों के लिए पेमेंट प्रक्रिया भी सरल होगी.
मौजूदा चुनौतियों का समाधान
वर्तमान नेटबैंकिंग सिस्टम में स्टैंडराइज की कमी, चार्जबैक, सेटलमेंट और रीकन्सिलिएशन जैसी कई समस्याएं हैं. नए प्लेटफॉर्म से इन सभी चुनौतियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी और व्यापारियों को पेमेंट समय पर मिल सकेगा.
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