Anthropic के ‘ना’ से क्यों भड़के ट्रंप, दी सख्त धमकी… OpenAI भी समर्थन में उतरा, AI पर टकराव तेज
अमेरिका में AI को लेकर सरकार और टेक कंपनियों के बीच टकराव तेज हो गया है. एक बड़े फैसले ने पूरे AI सेक्टर को चौंका दिया है और तकनीक के सैन्य इस्तेमाल पर नई बहस छेड़ दी है. सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक कंपनी का मामला है या भविष्य की AI नीति की दिशा तय करने वाला मोड़.
अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर सरकार और टेक कंपनियों के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी सरकार की सभी एजेंसियों को आदेश दिया कि वे AI स्टार्टअप Anthropic की तकनीक का इस्तेमाल तुरंत बंद करें. यह कदम तब उठाया गया जब Anthropic ने पेंटागन की उस मांग को मानने से इनकार कर दिया, जिसमें उसकी AI मॉडल्स को बिना किसी शर्त के सैन्य इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया था.
ट्रंप का सख्त आदेश, Anthropic से दूरी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि अमेरिकी सरकार को Anthropic की तकनीक की जरूरत नहीं है और भविष्य में उसके साथ कोई कारोबार नहीं किया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि सभी फेडरल एजेंसियां Anthropic के AI टूल्स का इस्तेमाल तुरंत बंद करें. हालांकि, रक्षा विभाग जैसी एजेंसियों को छह महीने का फेज-आउट पीरियड दिया गया है ताकि वे धीरे-धीरे इस तकनीक से बाहर निकल सकें.
Anthropic ने क्यों कहा ‘ना’
AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, Anthropic का कहना है कि उसकी AI तकनीक का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी या पूरी तरह स्वचालित हथियार प्रणालियों में नहीं किया जाना चाहिए. कंपनी का मानना है कि ऐसे मामलों में इंसानों की भूमिका जरूरी है. Anthropic के CEO डेरियो अमोडेई ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की धमकियों के बावजूद कंपनी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी.
पेंटागन का दबाव और कानूनी चेतावनी
पेंटागन ने Anthropic को चेतावनी दी थी कि अगर कंपनी तय समय तक उसकी मांगों से सहमत नहीं होती, तो उस पर Defense Production Act लागू किया जा सकता है. यह कानून सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर निजी कंपनियों पर कड़ा नियंत्रण देने की शक्ति देता है. इसके अलावा, Anthropic को सप्लाई चेन रिस्क घोषित करने की धमकी भी दी गई, जिससे सरकारी कामकाज में उसकी हिस्सेदारी लगभग खत्म हो सकती थी.
इस विवाद के बीच AI इंडस्ट्री के भीतर Anthropic के समर्थन में आवाजें उठने लगी हैं. Google DeepMind और OpenAI के सैकड़ों कर्मचारियों ने एक ओपन लेटर पर साइन किए हैं, जिसमें कहा गया है कि AI का इस्तेमाल घरेलू निगरानी या बिना मानवीय निगरानी के जानलेवा हथियारों में नहीं होना चाहिए. इस पत्र का संदेश साफ है कि AI कंपनियों को डराकर अलग-अलग करने की कोशिश नाकाम होनी चाहिए.
OpenAI का रुख क्या है
AFP रिपोर्ट की माने तो OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में कहा कि वह पेंटागन के साथ बातचीत में ऐसे ही “रेड लाइन्स” तय करने की कोशिश कर रहे हैं, जैसी Anthropic ने रखी हैं. उनका मानना है कि AI के हाई-रिस्क इस्तेमाल में इंसान की भूमिका बनी रहनी चाहिए.
वॉशिंगटन में मौजूद टेक नीति विशेषज्ञों ने AFP के हवाले से कहा है कि यह टकराव सिर्फ Anthropic तक सीमित नहीं है. अगर सैन्य AI को लेकर सरकार की जरूरतें इतनी अहम हैं, तो उन्हें खुले तौर पर बहस और कानून के जरिए तय किया जाना चाहिए, न कि किसी एक कंपनी पर दबाव डालकर.
यह विवाद अब सिर्फ एक कंपनी और सरकार के बीच की लड़ाई नहीं रह गया है. यह सवाल उठाता है कि AI की सीमाएं कौन तय करेगा, सरकार, कंपनियां या समाज? आने वाले समय में इस टकराव का असर न सिर्फ अमेरिकी AI नीति पर, बल्कि पूरी वैश्विक टेक इंडस्ट्री पर पड़ सकता है.
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