अमेरिका-वेनेजुएला का असर! सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल, ₹2600 बढ़ा सिल्वर का दाम

बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन और सेफ हेवल की ओर लोगों की दिलचस्पी ने सोने-चांदी की कीमतों में पंख लगा दिया है. दिल्ली में सोना 960 रुपये और चांदी 2,600 रुपये महंगी हो गई है.इससे इतर, इंटरनेशनल मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में उछाल दर्ज की है. जानें क्या है नया भाव.

सोने और चांदी की कीमत Image Credit: freepik

Gold and Silver Price Today: सोमवार, 5 जनवरी को देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला. वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग का असर सीधे भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ा. ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 960 रुपये महंगा होकर 1,40,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इससे पहले शुक्रवार, 2 जनवरी को इसका बंद भाव 1,39,440 रुपये प्रति 10 ग्राम था.

चांदी में तेजी

चांदी की कीमतों में तो और भी तेज उछाल देखने को मिला. चांदी 2,600 रुपये चढ़कर 2,44,000 रुपये प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) हो गई. शुक्रवार को इसका भाव 2,41,400 रुपये प्रति किलो था. बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सोने-चांदी जैसे सेफ हेवन विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं.

जियो पॉलिटिकल टेंशन बना बड़ा कारण

कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सॉमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों और वेनेजुएला को लेकर उठे घटनाक्रम के बाद सोने-चांदी को मजबूती मिली है. इसके अलावा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कोलंबिया और मेक्सिको को लेकर सख्त बयानों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग और तेज हुई है.

इंटरनेशनल मार्केट में भी रिकॉर्ड तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो स्पॉट गोल्ड में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया. सोना 87.74 डॉलर या करीब 2.03 फीसदी चढ़कर 4,418.24 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका की आक्रामक नीतियों और वेनेजुएला से जुड़े घटनाक्रम ने सोने को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 2.35 डॉलर या 3.24 फीसदी की तेजी के साथ 75.02 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा.

चांदी को मिल रहा है स्ट्रांग सपोर्ट

कोटक म्यूचुअल फंड के वीपी और फंड मैनेजर सतीश डोंडापाटी के मुताबिक, चांदी की कीमतों को औद्योगिक मांग, निवेशकों की दिलचस्पी और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं का मजबूत सहारा मिल रहा है. इसके अलावा सीएमई ग्रुप द्वारा मार्जिन बढ़ाए जाने और चीन की ओर से चांदी के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों ने भी कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ाया है.

ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी का कहना है कि चांदी को अब सरकारों की नीतिगत मदद भी मिल रही है. नवंबर में अमेरिका ने चांदी को “क्रिटिकल मिनरल” की सूची में शामिल किया था, क्योंकि इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक सर्किट, बैटरी, सोलर पैनल और मेडिकल इक्विपमेंट्स में बड़े पैमाने पर होता है. इस फैसले से चांदी की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है.

आगे और महंगी हो सकती है चांदी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चांदी अक्टूबर में करीब 45 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 82.7 डॉलर तक पहुंच गई. आने वाले महीनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है और 2026 में चांदी 88.60 डॉलर, 99 डॉलर से 107 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकती है.

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