बजट 2025 के बाद IPO की बाढ़, 366 कंपनियों ने मार्केट में दी दस्तक; SME सेगमेंट का रहा दबदबा

बजट 2025 के बाद भारतीय शेयर बाजार में IPO में तेज उछाल देखने को मिला है. पिछले यूनियन बजट से अब तक 366 कंपनियां लिस्ट हो चुकी हैं, जिनमें एसएमई IPO का दबदबा रहा है. मजबूत सब्सक्रिप्शन और रिटेल निवेशकों की भारी भागीदारी के बावजूद पोस्ट-लिस्टिंग प्रदर्शन ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है. आंकड़ों के अनुसार, करीब 57 फीसदी शेयर अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं.

आईपीओ Image Credit: canva

IPO Market: पिछले यूनियन बजट के बाद भारतीय शेयर बाजार में IPO की बाढ़ देखने को मिली है. जियोपॉलिटिकल टेंशन, ट्रेड वॉर की आशंकाओं और घरेलू बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद मार्केट की रफ्तार बनी रही. आंकड़ों के मुताबिक, पिछले बजट से अब तक 366 से अधिक कंपनियां लिस्ट हो चुकी हैं. हालांकि, मजबूत सब्सक्रिप्शन और कुछ बंपर लिस्टिंग के बावजूद ज्यादातर शेयरों का पोस्ट-लिस्टिंग प्रदर्शन कमजोर रहा है. कुल लिस्टेड शेयरों में से करीब 57 फीसदी शेयर अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं.

SME IPO का दबदबा, रिटेल निवेशकों की बड़ी भूमिका

IPO में सबसे बड़ा योगदान SME सेगमेंट का रहा है. ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के अनुसार, कुल 366 लिस्टिंग में से 263 कंपनियां, यानी करीब 72 फीसदी, एसएमई कैटेगरी से थीं. इन इश्यू में रिटेल निवेशकों की भागीदारी बेहद मजबूत रही. कई एसएमई IPO में सब्सक्रिप्शन 100 गुना से ज्यादा तक पहुंच गया. निवेशकों को उम्मीद थी कि लिस्टिंग के दिन ही मल्टीबैगर रिटर्न मिलेगा, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी.

IPO बने पसंदीदा निवेश विकल्प

बाजार में बढ़ती अस्थिरता के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का रुझान भी IPO की ओर बढ़ा. मार्केट में जोखिम ज्यादा होने के कारण FPI ने नए इश्यू को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखा. इसी वजह से कुछ बड़े IPO, जो आमतौर पर ऐसे माहौल में कमजोर मांग देखते हैं, उन्हें भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली. टेक स्टार्टअप, फिनटेक, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कई कंपनियों ने इस मौके का फायदा उठाकर पूंजी बाजार से फंड जुटाया.

पोस्ट-लिस्टिंग प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता

मजबूत मांग के बावजूद पोस्ट-लिस्टिंग परफॉर्मेंस ने निवेशकों को निराश किया है. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, 211 शेयर अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं. इनमें से कई शेयर 70 फीसदी से ज्यादा तक टूट चुके हैं. Valencia Studio, LSD Citichem India और Mittal Sections जैसे शेयर निवेशकों के लिए बड़े नुकसान का सौदा साबित हुए हैं. कुल मिलाकर करीब 150 शेयर अपने IPO प्राइस से 20 फीसदी से 83 फीसदी तक नीचे हैं.

कुछ IPO बने वेल्थ क्रिएटर

नकारात्मक तस्वीर के बीच कुछ IPO ऐसे भी रहे जिन्होंने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया. Anondita Medicare अपने इश्यू प्राइस से करीब 557 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि Tankup Engineers में करीब 307 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है. कुल 26 शेयर ऐसे हैं जो अपने इश्यू प्राइस से 100 फीसदी से ज्यादा ऊपर हैं, जबकि 156 शेयर अभी भी इश्यू प्राइस से ऊपर बने हुए हैं.

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