8th Pay Commission: क्या पुराने फॉर्मूले पर ही तय होगा 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर? जानें कैसे तय होगी नई सैलरी

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हलचल तेज हो गई है. आयोग ने काम शुरू कर दिया है और सुझाव आमंत्रित किए हैं. इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सैलरी तय करने में 7वें वेतन आयोग वाला फिटमेंट फैक्टर फॉर्मूला अपनाया जाएगा और क्या 60% डीए नई गणना का आधार बनेगा?

8वां वेतन आयोग और फिटमेंट फैक्टर Image Credit: @Money9live

8 CPC Fitment Factor: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अहम खबर है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) ने अपना काम शुरू कर दिया है. आयोग ने आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है और विभिन्न पक्षों से सुझाव भी मांगे हैं. हालांकि सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर अंतिम सिफारिश आने में अभी समय लगेगा, लेकिन 7वें वेतन आयोग में जो फॉर्मूला अपनाया गया था उस आधार पर DA 60% को आधार बनाकर फिटमेंट फैक्टर तय किया जाएगा.

क्या 7वें वेतन आयोग वाला फॉर्मूला दोहराया जाएगा?

फिलहाल यह साफ नहीं है कि 8वां वेतन आयोग, 7वें वेतन आयोग की तरह ‘फिटमेंट फैक्टर’ के आधार पर वेतन तय करेगा या नहीं. अगर वही तरीका अपनाया गया, तो जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता (DA) 60% तक पहुंच सकता है और यही नई सैलरी तय करने का आधार बन सकता है.

AICPI-IW के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, अनुमान है कि 1 जनवरी 2026 से डीए 60% हो सकता है. ऐसे में फिटमेंट फैक्टर की गणना इसी दर से की जा सकती है.

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7वें वेतन आयोग में कैसे तय हुआ था फिटमेंट फैक्टर?

7वें वेतन आयोग ने 1 जनवरी 2016 को लागू होते समय डीए की दर 125% मानकर गणना की थी. उस समय न्यूनतम वेतन ₹7,000 (6ठे वेतन आयोग के अनुसार) था. 7वें वेतन आयोग ने इसे बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया. यानी पुरानी सैलरी का 2.57 गुना नया वेतन तय किया गया. इस 2.57 के फिटमेंट फैक्टर में 2.25 का हिस्सा महंगाई भत्ते (125% डीए) के एडजस्टमेंट से जुड़ा था. यह फार्मूला सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू किया गया था.

8वें वेतन आयोग में क्या हो सकता है असर?

अगर 8वां वेतन आयोग भी 7वें आयोग की तरह जनवरी की डीए दर को आधार मानता है, तो 1 जनवरी 2026 को अनुमानित 60% डीए फिटमेंट फैक्टर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि नई सैलरी तय करते समय 60% डीए को शामिल करते हुए नया गुणांक (फिटमेंट फैक्टर) तय किया जा सकता है. हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा. कुल मिलाकर, 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन असली तस्वीर आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी.