Land Records Digitisation| भारतीय Real Estate में बढ़ेगा विदेशी निवेश!

डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स और सरकारी सुधारों की वजह से अब रियल एस्टेट सेक्टर और भी ज्यादा FDI को आकर्षित कर रहा है. भारत की रियल एस्टेट इंडस्ट्री में विदेशी निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है. भारत का रियल एस्टेट उद्योग एक क्रांतिकारी बदलाव के कगार पर है, जहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का प्रवाह बढ़ने की संभावना है क्योंकि भारत भूमि अभिलेखों के 100 फीसदी डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा है. यह विशाल सरकारी परियोजना घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों, दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक का समाधान करेगी. डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है. नवीनतम आँकड़े बताते हैं कि जमीनी स्तर पर उपलब्ध 99.8 फीसदी भूमि अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण हो चुका है,और 97.3 फीसदी भू-आकृतिक मानचित्र अब ऑनलाइन देखे जा सकते हैं. भूमि दस्तावेजों और मानचित्रों का यह डिजिटलीकरण, राजस्व न्यायालयों और उप-पंजीयक कार्यालयों के एकीकरण के साथ मिलकर, इस प्रणाली को पारदर्शी और छेड़छाड़-मुक्त बना रहा है. उद्योग जगत इस नई वास्तविकता को भारी विदेशी पूंजी जुटाने और भारतीय रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा देने के अवसर के रूप में स्वीकार कर रहा है.