52-वीक हाई बनाने के बाद 8% तक टूटे SBI के शेयर, बजट से बैंक को लगा जोर का झटका, जानें गिरावट की वजह
1 फरवरी को पेश हुए बजट के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआती तेजी के बाद बजट भाषण खत्म होते ही बाजार में बिकवाली हावी हो गई. इसका सबसे ज्यादा असर सरकारी बैंकों पर दिखा, जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में करीब 8 फीसदी तक की तेज गिरावट दर्ज की गई.
SBI Share Plunged: 1 फरवरी को शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. जैसे ही बजट पेश होना शुरू हुआ, बाजार में तेजी आई, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण समाप्त होते ही बाजार लाल निशान में चला गया. BSE सेंसेक्स 79,899.42 के स्तर तक पहुंचा, वहीं निफ्टी 50 गिरकर 24,571.75 के स्तर पर आ गया. इसी क्रम में सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. SBI के शेयर लगभग 8 फीसदी से अधिक टूट गए. हालांकि, फिलहाल शेयरों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
इस गिरावट का एक प्रमुख कारण वित्त मंत्री द्वारा सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी किया जाना माना जा रहा है. इस बढ़ोतरी से F&O सेगमेंट के निवेशकों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा. इसके अलावा बैंकों को पूंजीगत सहायता नहीं मिली. साथ ही बैंक मर्जर प्लान को लेकर भी कोई स्पष्टता देखने को नहीं मिली.
8 फीसदी तक टूटा SBI
शुरुआती कारोबार में SBI के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. इस तेजी के दौरान स्टॉक ने अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर को पार करते हुए नया 52-वीक हाई बनाया. शेयर उछलकर 1,083.60 रुपये के स्तर तक पहुंच गया. हालांकि, बजट भाषण शुरू होने के लगभग 15 मिनट बाद ही इसमें गिरावट का दौर शुरू हो गया और शेयर फिसलकर 988.30 रुपये तक आ गया.
क्यों टूट रहे हैं SBI के शेयर?
बजट में सरकार ने PSU बैंकों के लिए कैपिटल इन्फ्यूजन को लेकर कोई बड़ा उल्लेख नहीं किया है. इसके अलावा, बैंक मर्जर प्लान पर भी कोई घोषणा नहीं की गई. इन कारणों से बैंकिंग सेक्टर में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. हालांकि, वित्त मंत्री ने एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है, जो बैंकिंग प्रणाली की संरचना, दक्षता और तैयारियों की समीक्षा करेगी.
कंपनी की वित्तीय सेहत
सितंबर तिमाही में कंपनी ने 1,75,898 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो जून तिमाही में 1,66,992 करोड़ रुपये था. हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर दबाव देखने को मिला. जून तिमाही में SBI का शुद्ध मुनाफा 21,627 करोड़ रुपये रहा था, जो सितंबर तिमाही में घटकर 21,504 करोड़ रुपये पर आ गया.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Budget 2026 में मिला 12.2 लाख करोड़ का बूस्टर डोज, रॉकेट हुए इंफ्रा स्टॉक्स, एक दिन में 9% तक उछले
बजट में सरकार का एक फैसला… और BSE-Groww-Angel One 17% तक टूटे, आगे भी राहत की उम्मीद नहीं?
Budget 2026 से टूटीं उम्मीदें, और बढ़ा बाजार पर दबाव, Hindalco, COAL, NTPC से लेकर SBI तक, ये रहे टॉप 10 लूजर
बजट के दिन शेयर बाजार लहुलूहान, निर्मला सीतारमण के दौर की सबसे बड़ी गिरावट, टूट गए सारे रिकॉर्ड
